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क्षत्रिय समाज के 59 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | सिंगोली चारभुजा

विवाह समारोह पर होने वाले व्यर्थ के खर्चों पर अंकुश लगाने में सामूहिक विवाह सम्मेलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक खर्चो पर अंकुश लगाने, सकारात्मक सोच के साथ एकता की भावना से कार्य करने से ही राष्ट्र एवं समाज की प्रगति होगी।

यह बात बुधवार को सिंगोली चारभुजा में अक्षय तृतीया पर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा भीलवाड़ा एवं क्षत्रिय सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति सिंगोली चारभुजा के तत्वावधान में आयोजित 9वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में आशीर्वाद समारोह में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष एवं मांडलगढ़ के पूर्व विधायक प्रदीप कुमार सिंह ने कही। जिला प्रमुख शक्ति सिंह हाड़ा व यूआईटी चेयरमैन गोपाल खंडेलवाल ने भी विचार रखे। सम्मेलन में 59 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। गोपाल चरण सिंह बनेड़ा ने सामाजिक कुरीतियों, नशे की प्रवृत्ति, संकीर्ण मानसिकता को त्यागने की अपील की। हमीरगढ़ के राव युग प्रदीप सिंह ने युवाओं से विवाह सम्मेलन में विवाह करने पर जोर दिया।

सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति के संयोजक कुलदीप सिंह श्यामपुरा ने वर्ष 2010 से अब तक की विवाह सम्मेलन का ब्यौरा पेश किया। वेद संस्थान बरूंदनी के संस्थापक पंडित डॉ. बदरी नारायण पंचोली के मार्गदर्शन में विवाह के अनुष्ठान हुए। इस अवसर पर चेन्नई से आए जगन मोहन नायकर, विश्व बंधु सिंह, संगीता बाइसा कोठारिया ने भी विचार रखे। संचालन शिक्षक प्रभु लाल सोमानी ने किया। समारोह में मांडलगढ़ की पूर्व प्रधान राधा देवी, नगर पालिका अध्यक्ष नंदिनी साहू, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अनिल पारीक, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के केंद्रीय संगठन मंत्री रावत महेंद्र सिंह भगवानपुरा, मनोहर सिंह कोशीथल, पर्वत सिंह, शिक्षाविद शंकर सिंह राणावत, रणजीत सिंह लाडपुरा, भगवान सिंह चौहान आरजिया, सुरेंद्र सिंह पांसल, जयसिंह किशनजी का खेड़ा, वीरेंद्र सिंह तलावदा, गोविंद सिंह राजपूत बीगोद, सुरास सरपंच युवराज सिंह, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के संयुक्त मंत्री रघुनंदन सिंह कानावत, अजित सिंह मंगरोप, भंवर सिंह नाहरगढ़ मौजूद थे।

सामूहिक विवाह सम्मेलन की सफलता के लिए सोने का नाक का कांटा अजीत सिंह मंगरोप, चांदी की अंगूठी नारायण सिंह राठौड़ बाणियास, दीवार घड़ी दशरथ सिंह नरूका, चांदी के पायजेब के लिए 51 हजार रुपए सुरेंद्र सिंह पांसल, सुंरेंद्र सिंह आरजिया, 21 हजार रुपए कुंभा ट्रस्ट भीलवाड़ा, चांदी की बिछुड़ी भारत सिंह देवड़ा, वधुओं की पोशाक भवानीसिंह कानावत, महाराणा प्रताप की तस्वीर वीरेंद्र सिंह तलावदा, एक-एक सूट राजराणी पोशाक घर भीलवाड़ा तथा राजघराणा पोशाक घर महुआ की ओर से दिए गए। सम्मेलन के लिए कुलदीप सिंह श्यामपुरा ने 51 हजार, मनोहर सिंह हाड़ा ने 51 हजार, जयसिंह किशन जी का खेड़ा ने 21 हजार, भगवान सिंह आरजिया ने 21 हजार, गोपाल चरण सिंह बनेड़ा ने 21 हजार, जोगेंद्र सिंह राणावत छोटा खेड़ा ने 5100 तथा रणजीत सिंह लाडपुरा ने 5100 रुपए देने की घोषणा की।

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