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नौ उपवास पर श्वेता, प्रज्ञा व भाग्यश्री का सम्मान

3 वर्ष पहले
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भीलवाड़ा | श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ शांति भवन भोपालगंज में चातुर्मास के तहत धर्म सभा में श्रमण संघ के महामंत्री सौभाग्य मुनि कुमुद ने कहा कि ज्ञान आत्म का स्वभाव है निज गुण। स्वभाव स्थायी, नित्य व शाश्वत होता हैं।

उन्होंने कहा कि ज्ञान हमेशा आत्मा में रहता है वह कभी आत्मा से पृथक नहीं रह सकता। ज्ञान के बिना जीवन बेकार हैं हमें चिंतन करना चाहिए कि ज्ञान के बिना हमारे ह्रदय में भी अंधेरा हैं। ज्ञान धर्म की पहली सीढ़ी है इस के अभाव से आत्म कल्याण संभव नहीं है। कोमल मुनि ने उत्ताराधंन के सूत्र के वाचन करते हुए कहा की एक अमृत की बूंद पूरे समुद्र को जहर मुक्त कर देती है उसी तरह जिनवाणी श्रवण ग्रहण करने से मनुष्य जन्म मरण से मुक्त हो सकता है। साध्वी विधा श्री ने भी विचार रखे। श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के मंत्री नवरतनमल संचेती ने बताया कि श्वेता लुकड, प्रज्ञा लुकड़, भाग्यश्री सिंघवी ने 9 उपवास व श्वेता बम्ब ने 7 उपवास करने पर मीठालाल सिंघवी, नवरतनमल बंब, कंवर लाल सूरिया, अनिल बंब, चंदा कोठारी, सरिता पोखरणा, कनकावती चंडालिया आदि सदस्यों ने बहुमान किया। वर्धमान कॉलोनी में विराजित राकेश रश्मि के तपस्या के क्रम मे 18 उपवास के प्रत्यखान लिए। 8 अगस्त से शांति भवन में पंचदिवसीय स्वाध्याय शिविर आंरभ होगा।

तपस्वी भाग्यश्री के सम्मान में पुर में भजन ... पुर | उपनगर में भाग्यश्री सिंघवी की 9 तपस्या के उपलक्ष्य में मंडी के बालाजी के सामने भैरव भक्ति संध्या हुई। इसमें श्रोता झूम उठे। गायक त्रिलोक मोदी ने जैसे ही ‘नाकोडा रा भैरु म्हारा बेगा पधारोजी..., हर पल साथ रहूं तेरे..., सावन का महीना होगा, जिसमे होगी राखी... आदि भजन पेश किए खचाखच भरे परिसर में भक्तजन झूमने पर मजबूर हो गए। भक्ति महोत्सव में भीलवाडा सहित क्षेत्र से काफी संख्या में श्रद्धालु भजनों का आनंद लेने पहुंचे। आयोजक महावीरकुमार ने बताया कि बुधवार सुबह तपस्विनी का तप अभिनन्दन समारोह तेरापंथ भवन मे आचार्य महाश्रमण की शिष्य साध्वी शांताकुमारी के सान्निध्य में होगा।

नकारात्मक सोच इंसान को पतन की ओर ले जाती ... त्रयंबकेश्वर स्वामी महाराज ने कहा कि क्रोध की आग में जलने वाले जीते जी नरक भोगते हैं। सकारात्मक सोच में हर पल सफलता की संभावना होती है। नकारात्मक सोच इंसान को पतन की ओर ले जाती है, इसमें इंसान हर पल मरता है। वरिष्ठ नागरिक मंच भीलवाड़ा की ओर से हरि सेवा धाम में आयोजित विष्णु पुराण कथा में ग्यारहवें दिन स्वामी ने कहा कि जब प्रतिशोध की आग में बदले की भावना जगे तो विचार करें कि यह मार्ग सत्पुरुषों व सज्जन लोगों के लिए नहीं है।

परमात्मा की भक्ति सच्चे मन से करे ... संत सत्यानंद महाराज ने कहा कि परमात्मा की भक्ति किसी के दबाव में आकर ना करे। भक्ति सदैव श्रद्धा व मन से होती है। परमात्मा प्राप्ति का मार्ग भक्ति है और मार्ग प्रशस्त करने वाले संत व गुरु है। श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट की ओर से रामधाम में आयोजित चातुर्मास ज्ञान गंगा महोत्सव में उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को एक दूसरे के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। सत्यनारायण सोमानी ने बताया कि प्रवचन से पूर्व सावन महोत्सव के तहत शिवालय में संत के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर का अभिषेक किया।

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