भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा
कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा ने रविवार को पद संभाला। कांग्रेस कार्यालय में हुए पद ग्रहण समारोह में उन्होंने दो बयान दिए। ये जिले की राजनीतिक में चौंकाने वाले हैं। पहला बयान खुद व कांग्रेस और दूसरा भाजपा से संबंधित रहा।
शर्मा अब तक मांडल से ही दुबारा विधानसभा चुनाव लड़ने की कहते रहे हैं। अब पहली बार सार्वजनिक मंच से वे बोले, मुझे विधानसभा चुनाव में मांडल से प्रत्याशी बनाएं या नहीं कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं प्रयास करूंगा कि जिले के नेता और कार्यकर्ताओं में मनभेद नहीं हों। शर्मा ने वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव से एक साल पहले की एक कहानी सुनाई। कहा कि महाराष्ट्र से भाजपा नेता किरीट सौमैया एक साल तक कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किए काम को घोटाला बता-बताकर पूरे राजस्थान में घूमे। मैंने भी जिले में पिछले चार साल में 300 ऐसे काम की सूची तैयार की है जिनमें भाजपा नेताओं ने जमकर भ्रष्टाचार किया है। भ्रष्टाचार के इन 300 काम को लेकर जल्द ही जिला कांग्रेस श्वेत पत्र जारी करेगी। शर्मा ने दावा भी किया कि भाजपा नेताओं के पास इन घोटालों का कोई जवाब नहीं है।
अपील...चार साल में पहली बार एक साथ मंच पर पूरी कांग्रेस, नेता बोले-एक हो जाओ तो चुनाव जीत जाएंगे
शर्मा की चेतावनी से लग रहे कयास: यूआईटी के चेयरमैन रह चुके हैं इसलिए श्वेत पत्र में ज्यादा काम इसी के हो सकते हैं
भाजपा के जिन 300 काम को जिलाध्यक्ष शर्मा ने घोटाला बताकर श्वेत पत्र जारी करना बताया है उनमें से दो का उन्होंने जिक्र भी किया है। ये दोनों काम यूआईटी से जुड़े हुए हैं। पहला घोटाला उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा डालडा मिल की जमीन को रिवर्ट बैक करना बताया। दूसरा, उन्होंने कहा कि शहर में जो सड़कें बनाई जा रही हैं उनमें भी कई घोटाले हैं। जानकारों का कहना है कि शर्मा यूआईटी के चेयरमैन रहे हुए हैं इसलिए उनकी ओर से तैयार की गई 300 काम की सूची में अधिकांश काम यूआईटी के हैं। इसके बाद जिला प्रशासन सहित अगल-अलग विभागों में अलग-अलग भाजपा नेताओं की ओर से किए गए काम भी सूची में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस नेता इसे रामपाल शर्मा का मास्टर स्ट्रोक मान रहे हैं। साथ ही शर्मा ने कहा कि विधानसभा के अनुसार मेरा बूथ-मेरा गौरव सम्मेलन की शुरुआत 27 मई से होगी।
चार साल में यह पहला मौका था जब जिले के सभी कांग्रेसी नेता एक मंच पर थे। जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर ने कहा कि नेताओं के एक होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। कार्यकर्ता एक होंगे तो नेताओं को एक जाजम पर आना ही पड़ेगा। डेयरी चेयरमैन रामलाल जाट ने कहा कि छोटी-छोटी बातों को लेकर कुछ तकलीफें हो सकती हैं लेकिन संगठन के नाम पर सभी को एक होना है। नव नियुक्त जिलाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। कुछ नेताओं की व्यक्तिगत नाराजगी हो सकती है लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। समारोह को निवर्तमान जिलाध्यक्ष अनिल डांगी, मांडलगढ़ के पूर्व विधायक पीके सिंह, हगामीलाल मेवाड़ा, कैलाश त्रिवेदी, नगर परिषद के पूर्व सभापति ओम नराणीवाल, राजकुमार बैरवा आदि ने संबोधित किया। इस दौरान जिला महासचिव महेश सोनी, जिला उपाध्यक्ष दुर्गेश शर्मा, अग्रिम संगठनों जिलाध्यक्ष, सभी ब्लॉक अध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
राष्ट्रीय सचिव तरुण कुमार का बड़ा बयान: आप चाहते हो कि रोज आपको लोग राम-राम करें तो सत्ता में आना होगा...
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तरुण कुमार ने कहा कि चार साल से आप सत्ता में नहीं हैं इसलिए आपसे राम-राम करने वालों की संख्या 50 से घटकर 20 ही रह गई। अाप एक ट्रांसफर या पोस्टिंग नहीं करवा पाए। अगर आप चाहते हो कि रोज सुबह आपको 200 लोग राम-राम या नमस्कार करें तो सत्ता में आना होगा। इसके लिए अभी से चुनाव की तैयारी करनी होगी। तरुण कुमार ने अारोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश के विकास और समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय भाजपा के चुनाव प्रचार पर ज्यादा ध्यान देते हैं। नव नियुक्त जिलाध्यक्ष शर्मा से उन्होंने कहा कि परिवार का मुखिया बनना आसान नहीं है। मुखिया होते हैं तब शहद भी खाने को मिलता है तो कभी-कभी जहर के घूंट पीने पड़ते हैं।