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10 दिन पहले बाड़मेर में भी ऐसी ही वारदात, तौर तरीका और बदमाशों का हुलिया वैसा ही जैसा सिरोही में सामने आया

3 वर्ष पहले
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शहर के एसबीआई बैंक में शुक्रवार को हुई ढाई लाख रुपए पार करने से महज दस दिन पहले ही ठीक इसी तरह की वारदात बाड़मेर में हो चुकी है। भास्कर ने इस पूरे मामले में जानकारी जुटाई तो सामने आया कि गत 7 मई को बाड़मेर के बैंक ऑफ बड़ौदा के अंदर कैश काउंटर पर लगी कतार के बीच से बदमाश एक व्यक्ति के बैग से 6.38 लाख रुपए लेकर पार हो गए थे। इन दोनों वारदातों का तौर तरीका, टाइमिंग और यहां तक की बदमाशों की कदकाठी भी एक जैसी ही है। अब पुलिस उस वारदात से तार जोड़कर मामले की जांच कर रही है। बहरहाल, इस पूरे मामले में दो बड़ी लापरवाही भी सामने आई हैं। नियमानुसार किसी दूसरे बैंक के कर्मचारी यदि बड़ी रकम जमा करवाने आते हैं तो उन्हें काउंटर पर खड़ा होने की जरुरत नहीं होती। वे सीधे अंदर जाकर कैशियर के पास रकम जमा करवा सकते हैं, लेकिन शुक्रवार को यूको बैंक के कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया। जिसका पूरा फायदा बदमाशों ने उठाया। इसी तरह दूसरे बैंकों से रकम जमा करवाने के लिए सप्ताह में एक ही दिन तय है। जिससे रकम बड़ी हो जाती है। बैंक इसके लिए कई बार कह भी चुके हैं, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।

पता था बैग में बड़ी रकम है, उसे ही पार करना चाहते थे : बदमाशों ने जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया है। उससे साफ जाहिर है कि उनको बैग में बड़ी रकम का पता था। बदमाशों ने वारदात के लिए शुक्रवार को ही चुना यानी उन्हें इस बात की भी पूरी जानकारी थी कि यूको बैंक से हर शुक्रवार को बड़ी रकम जमा होने के लिए आती है। इस पूरी रकम को पार करने की योजना बदमाशों ने बनाई थी, लेकिन कैश काउंटर पर उनको ज्यादा मौका नहीं मिला, क्योंकि भीड़ नहीं होने से यूको बैंक के कैशियर ललितसिंह को कतार में खड़ा नहीं होना पड़ा और काउंटर पर पहुंचते ही उन्होंने दो-दो हजार के बंडल एक साथ निकाल लिए थे।

यदि ललितसिंह से पहले कोई अन्य लोग कतार में होते तो संभव था कि पूरी रकम पार हो जाती।

नियमानुसार यूको बैंक का कैशियर काउंटर पर ना आकर सीधे अंदर जाकर भी जमा करवा सकता था रकम, लेकिन ऐसा नहीं करने से बदमाशों को मिला मौका

अपराध रोकने के लिए दो प्रोजेक्ट, एक भ्रष्टाचार से बंद, दूसरा अभी अधूरा

यह तस्वीर है शहर के पैलेस रोड की। जहां पहले नगर परिषद ने 2014 में सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। शहर में अपराध रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे का यह प्रोजेक्ट काफी मददगार होता, लेकिन ये भ्रष्टाचार की ऐसी भेंट चढ़े कि लगने के चार साल बाद भी शुरु नहीं हो सके हैं। दूसरा प्रोजेक्टर राज्य सरकार का है। जिला मुख्यालय पर अभय कमांड सेंटर के तहत अब सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इनका काम चल रहा है। प्लेटफॉर्म बना दिए गए हैं। जो इस तस्वीर में नजर आ रहे हैं। देखना होगा कि यह कब तक पूरा होता है।

बड़ा सवाल यह भी : सीधे अंदर जाकर जमा करवाई जा सकती थी रकम, लेकिन ऐसा नहीं किया गया?

इस पूरे मामले में यह भी सामने आया है कि दूसरे बैंक से आने वाले कर्मचारी अपने पास बड़ी रकम होने पर काउंटर पर जाने की बजाय सीधे अंदर जाकर भी उसे जमा करवा सकते हैं, लेकिन यूको बैंक के कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया। वे काउंटर पर गए जिसका फायदा बदमाशों ने उठाया।

एसबीआई बैंक के मैनेजर सवाराम मीणा बताते हैं कि हमने ऐसी व्यवस्था लागू कर रखी है। जिसका पालन नहीं किया।

इसके अलावा एक बड़ी खामी यह भी सामने आई है कि दूसरे बैंकों से रकम जमा करने के लिए सप्ताह में एक ही दिन तय है। जिससे एक साथ बड़ी रकम हो जाती है। यूको बैंक के मैनेजर प्रशांत कुमार बताते हैं कि यदि इसे सप्ताह में दो बार कर दिया जाए तो सही रहेगा।

जानिए, सिरोही और बाड़मेर की वारदात कैसे एक जैसी

जानिए, सिरोही और बाड़मेर की वारदात कैसे एक जैसी

बाड़मेर : कैश काउंटर से ही पार किए 6.38 लाख रुपए

बाड़मेर के बैंक में कैश जमा करवाने आया व्यक्ति कैश काउंटर पर ही खड़ा था। वह बैग से कैश निकालता उससे पहले ही बदमाशों ने रकम पार कर ली। यानी महज कुछ मिनिट में।

कैश लेकर खड़े व्यक्ति के दोनों ओर दो अनजान आदमी आकर खड़े हुए। अपने बर्ताव में दोनों ने कुछ भी असामान्य हरकत नहीं की।

वारदात को अंजाम देते हुए एक व्यक्ति ने बैग से रुपए निकाले और दूसरे को थमाए इसके बाद दोनों गायब हो गए।

सीसीटीवी फुटेज में जो व्यक्ति वहां दिखाई दिया। वह जवान है और अच्छी कद काठी का है।

बाड़मेर : कैश काउंटर से ही पार किए 6.38 लाख रुपए

बाड़मेर के बैंक में कैश जमा करवाने आया व्यक्ति कैश काउंटर पर ही खड़ा था। वह बैग से कैश निकालता उससे पहले ही बदमाशों ने रकम पार कर ली। यानी महज कुछ मिनिट में।

कैश लेकर खड़े व्यक्ति के दोनों ओर दो अनजान आदमी आकर खड़े हुए। अपने बर्ताव में दोनों ने कुछ भी असामान्य हरकत नहीं की।

वारदात को अंजाम देते हुए एक व्यक्ति ने बैग से रुपए निकाले और दूसरे को थमाए इसके बाद दोनों गायब हो गए।

सीसीटीवी फुटेज में जो व्यक्ति वहां दिखाई दिया। वह जवान है और अच्छी कद काठी का है।

ऐसा तीसरी बार जब दूसरी जगहों पर हुई वारदात उसी तरीके से सिरोही जिले में की गई

यह लगातार तीसरी बार है जब सिरोही जिले में हुई वारदात उससे कुछ दिन पहले ही किसी दूसरे जिले में की गई।

पहले सिरोही के पेट्रोल पंप संचालक को फोन कर बदमाशों ने 1 लाख ठग लिए थे। इस वारदात से कुछ दिन पहले ही उन्हीं बदमाशों ने करौली में ठीक ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया था।

इसके बाद मंडार के समीप मगरीवाड़ा में एक पेट्रोल पंप पर बदमाशों ने 62 हजार रुपए लूटे थे। उससे कुछ दिन पहले ही उन्हीं बदमाशों ने उदयपुर में इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया था।

सिरोही : यहां भी कैश काउंटर से ही रकम की पार

शुक्रवार को सिरोही के एसबीआई बैंक में जो वारदात हुई वह भी कैश काउंटर पर ही हुई। यूको बैंक के कैशियर ने कुछ रकम निकाल ली थी। दुबारा बैग में हाथ दिया तो बाकी रुपए गायब थे।

कैशियर जैसे ही काउंटर पर पहुंचा उसके पीछे एक व्यक्ति आकर खड़ा हो गया। उसका दूसरा साथी दूसरी ओर आकर खड़ा हो गया। एक संदिग्ध पीछे कुर्सी पर भी दिखाई देता है।

कैशियर के बैग से ढाई लाख रुपए निकालकर बदमाश ने तुरंत पास ही खड़े अपने साथी को रकम दे दी और फिर दोनों गायब हो गए।

सीसीटीवी फुटेज में जो संदिग्ध दिखाई दे रहा है। वह भी जवान है, अच्छी कठ काठी का है।

सिरोही : यहां भी कैश काउंटर से ही रकम की पार

शुक्रवार को सिरोही के एसबीआई बैंक में जो वारदात हुई वह भी कैश काउंटर पर ही हुई। यूको बैंक के कैशियर ने कुछ रकम निकाल ली थी। दुबारा बैग में हाथ दिया तो बाकी रुपए गायब थे।

कैशियर जैसे ही काउंटर पर पहुंचा उसके पीछे एक व्यक्ति आकर खड़ा हो गया। उसका दूसरा साथी दूसरी ओर आकर खड़ा हो गया। एक संदिग्ध पीछे कुर्सी पर भी दिखाई देता है।

कैशियर के बैग से ढाई लाख रुपए निकालकर बदमाश ने तुरंत पास ही खड़े अपने साथी को रकम दे दी और फिर दोनों गायब हो गए।

सीसीटीवी फुटेज में जो संदिग्ध दिखाई दे रहा है। वह भी जवान है, अच्छी कठ काठी का है।

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