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ऑनलाइन आवेदन में मूंगफली की जगह सोयाबीन लिखा, समर्थन मूल्य पर खरीद भी हुई, अब 5 माह से भुगतान रोका

3 वर्ष पहले
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ई मित्र संचालक व कृषि क्रय विक्रय समिति की गलती के कारण एक किसान को पांच माह से मूंगफली का भुगतान नहीं मिल रहा। जिले में मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए आबूरोड क्रय विक्रय सहकारी समिति की ओर से मंडार में खरीद केंद्र खोला गया था। सोनानी निवासी जोयताराम पुत्र सोमाराम चौधरी ने बताया कि 9 दिसंबर 2017 को पंजीयन क्रमांक 24800183 के तहत आबूरोड क्रय विक्रय सहकारी समिति के माध्यम से मंडार में खोले गए खरीद केंद्र पर 55 बोरी मूंगफली को 4450 रुपए के भाव से बेचा था। जिसका कुल भुगतान करीब 85 हजार होता है मगर पिछले पांच माह से उसका भुगतान नहीं किया जा रहा। इसी तरह मालपुरा निवासी नंदू कंवर रणजीत सिंह ने भी मंडार खरीद केंद्र पर मूंगफली बेची थी, जिसका भुगतान करीब 87 हजार रुपए होता है आजतक नहीं मिला। पीडि़त किसानों ने बताया कि मूंगफली बेचने के लिए ई मित्र पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसमें ई मित्र संचालक ने गलती से बेची जाने वाली फसल मूंगफली की जगह सोयाबीन लिख दिया। खरीद केंद्र भी इस भूल को नहीं सुधारा और फसल खरीद ली। लेकिन, अब पिछले पांच माह से भुगतान नहीं किया जा रहा।

मुख्यालय ने रोका भुगतान, प्रयास जारी

मंडार क्षेत्र के तीन किसानों का भुगतान मुख्यालय जयपुर से नहीं हो रहा है। आवेदन करने के दौरान मूंगफली की जगह सोयाबीन फसल को दर्शाने की वजह से ऐसा हुआ है। फिर भी विभाग इस संबंध में जयपुर मुख्यालय के संपर्क में है और भुगतान करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। -महेंद्र कुमार शर्मा, प्रबंधक, क्रय विक्रय समिति, आबूरोड

ई मित्र संचालक की गलती को खरीद केंद्र पर भी नहीं पकड़ पाए, किसानों का भुगतान अटका

फसल खरीदने के बाद अब भुगतान रोका

सोनानी के किसान जाेयताराम चौधरी ने बताया कि खरीद केंद्र पर फसल को बेचने से पहले उसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। मैंने ई मित्र के माध्यम से मूंगफली बेचान के लिए आवेदन किया मगर ई मित्र संचालक ने मूंगफली की जगह सोयाबीन लिख दिया। इसकी जानकारी मुझे नहीं हुई। मूंगफली बेचने के लिए केंद्र पहुंचा तो वहां बैठे अधिकारी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया और मूंगफली खरीद कर रसीद दे दी। लेकिन, अब पिछले पांच माह से भुगतान के लिए चक्कर कटवा रहे हैं।

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