भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं
मंडावा विधायक नरेंद्र कुमार खीचड़ ने कहा कि शिक्षक अपनी स्कूलों के बच्चों में शिक्षा के साथ संस्कार और स्वच्छ रहने की आदतों का विकास करें। शिक्षक प्रशिक्षण शिविरों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर कई समस्याओं का समाधान खोजा सकता हैं। ऐसे शिविरों से अध्यापकों को सीखने के अवसर मिलते हैं। विधायक खीचड़ सोमवार को रीको स्थित सीकेआरडी मेमोरियल तकनीकी संस्थान में पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रीष्मकालीन आवासीय शिक्षण प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता कर रहे सीकेआरडी के निदेशक डॉ. लालचंद ढाका ने बच्चों की व्यवहारगत समस्या, अधिगम स्तर और विद्यालय स्तर पर मानसिक-स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक अच्छा शिक्षक वही है जो बच्चों के मन की बात को पढ़ ले और उसी के अनुरूप उसका विकास करे। विशिष्ट अतिथि रमसा की एडीपीसी विनोद जानू ने कहा कि जिले के राजकीय माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब की स्थापना हो चुकी है, शिक्षकों को इन लैब का उपयोग कर बच्चों के अधिगम को रुचिकर बनाया जा सकता है। शिविर प्रभारी व शहीद कर्नल जेपी जानू राउमावि के प्रधानाचार्य मनीराम मंडीवाल ने शिविर की व्यवस्थाओं से अवगत कराया। इस मौके पर शिविर समन्वयक व झुंझुनूं बीईईओ महेंद्र सिंह जाखड़, पुरुषोत्तम कुलहरी व पवन कुमार ढाका मौजूद थे। संचालन शारीरिक शिक्षक सत्यवीर सिंह झाझड़िया ने किया।
नवलगढ़ | शिक्षकों का आवासीय प्रशिक्षण शिविर सोमवार से सुबोध स्कूल में शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व डीईओ दीपचंद पंवार थे। अध्यक्षता स्कूल निदेशक सुशील कुमार मील ने की।