ब्लाक में शराब कारोबारी आबकारी नियमों को ताक में रखकर मेरी मर्जी की तर्ज पर न सिर्फ अवैध तरीके से शराब बेच रहे हैं,बल्कि देशी के लासइेंस पर बेखौफ होकर अंग्रेजी शराब भी बेच रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि नियमों की पालना कराने वाले आबकारी अमले को इसकी जानकारी न हो। सच्चाई ये कि विभागीय अमले और अफसरों की मिलीभगत से अवैध शराब कारोबार खूब फलफूल रहा है।
विभागीय अमले के साथ पुलिस भी इस गोरखधंधे पर अंकुश लगाने में असफल हो रही है। ऐसे में शराब ठेकेदारों के हौसले इस कदर बुलंद है प्रशासन इनके सामने नजर ही नहीं आता। आबकारी विभाग ने गौहरगंज तहसील के अंतर्गत आने बाले बिनेका, चिकलौद और तिलेंडी में देशी मदिरा की दुकान के लिए ठेका जारी किया है।
नियमानुसार इन दुकानों से देशी शराब ही बेची जानी चाहिए, मगर ठेकेदार विभागीय अफसरों से सांठगांठ कर देशी के लासइेंस से अंग्रेजी शराब की बिक्री धड़ल्ले से कर रहा है। कुछ इसी तरह के हालात मंडीदीप में भी नजर आते हैं,परन्तु संबंधित अधिकारियो का इस और ध्यान ही नहीं है। अधिकारी शिकायत पर नहीं करते कार्रवाई: क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री का धंधा बड़े स्तर पर किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों द्वारा संबंधित विभाग को इस अवैध कारोबार के बारे में लंबे समय से शिकायत की जा रही है। परन्तु इस पर किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई है।, इस तरह जिम्मेदारों के बेपरवाह बनने की वजह से जहां यह अवैध कारोबार दिन प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है। वहीं शराब ठेकेदारों द्वारा रोज नियमों की धज्जियां उड़ाकर बेखौफ अवैध शराब बेच कर करोड़ों की काली कमाई की जा रही है।लेकिन नियमों की पालना कराने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की याद अब तक अधिकारियों को नहीं आई है।