औद्योगिक नगरी में बढ़ते वायु प्रदूषण से नगरवासी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। नगर के साथ ग्रामीण अंचल भी इसके दुष्प्रभाव से अछूता नहीं है। प्रदूषण को रोकने के लिए सतलापुर के रहवासियों द्वारा यज्ञ से वातावरण को शुद्ध करने का अनूठा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत वर्ष में दो बार नौ-नौ दिनों का यज्ञ किया जाता है। इसमें जड़ी-बूटियों से बनी समिधा का उपयोग किया जाता है। इस हवन से वायु तो शुद्ध होती ही है, खतरनाक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। लोगों की इस मुहिम की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
नगर के प्रदूषित होते वातावरण ने लोगों को चिंतित कर दिया है। ऐसे में लोग इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए धर्म के माध्यम से वैदिक अनुष्ठान और पौधे लगाकर पर्यावरण के प्रयोग कर रहे हैं। इसी के अंतर्गत नगर के वार्ड 15 सतलापुर के खेड़ापति माता मंदिर में बीते दस वर्षों से श्रीश्री 1008 शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। जनकल्याण के लिए किए जाने वाले महायज्ञ में धर्म का प्रचार प्रसार तो हो ही रहा है, युवा पीढ़ी को नशामुक्त, भारतीय पुरातन संस्कृति,सभ्यता से जोड़ने और उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना जाग्रत करने का काम भी किया जा रहा है।