- Hindi News
- National
- एक करोड़ खर्च होने के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था, हर माह 60 लाख की बिजली चोरी
एक करोड़ खर्च होने के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था, हर माह 60 लाख की बिजली चोरी
बिजली कंपनी द्वारा चार साल पहले हाई वोल्टेज डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, एचवीडीएस और एयर बंच केबल डाली गई थी। तब कंपनी ने बार-बार होने वाली बिजली गुल की समस्या से छुटकारा दिलाने के बड़े बड़े वादे किए थे, लेकिन कंपनी के ये दावे खोखले साबित हो रहे हैं। एक करोड़ की राशि खर्च करने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो सका।
हालात ये हैं कि दिन में चार से छह बार 10 से 30मिनट तक पावर कट हो रही है। अचानक से होने वाले इस पावर कट से जहां लोगों को भीषण गर्मी से परेशान होना पड़ता है। वहीं उनके घरेलू बिजली उपकरण भी खराब हो रहे हैं।
अधिकारी अपनी नाकामी छिपाने के लिए मौसम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मालूम है कि मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एशियन डवलपमेंट बैंक से एक करोड़ रुपए का फंड लेकर विद्युत प्रणाली सुदृढ़ीकरण का काम कराया गया था। इस राशि से कंपनी के करीब 52 किमी के एरिया में बिजली सुधार के कई काम कराए गए थे।
इसके तहत नगर में पांच किमी में 11केवी की लाइन एवं 48.3 किमी के क्षेत्र में एलटी लाइन के लिए एबी केबल बिछाने का काम किया गया था। कुल 42 एचवीडीएस ट्रांसफार्मर रखे गए थे। इनके अलावा क्षतिग्रस्त और जर्जर खंभों को बदलने के साथ अन्य काम भी हुए थे। वहीं 65 किमी में फैले ग्रामीण क्षेत्र के सिर्फ सतलापुर सराकिया एवं सिमराई गांव में ही एबीसी केबल डाली गई थी, लेकिन इसके बाद भी यहां के हालात में सुधार नहीं आया। इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि गुरुवार दोपहर 4 बजे हल्की सी हवा चलने और पानी गिरने पर सतलापुर में बिजली गुल हुई। जो शाम करीब 6बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
हर माह एक करोड़ की बिलिंग : ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आठ हजार 700 उपभोक्ता आते हैं। जो हर महीने 29 लाख यूनिट बिजली की खपत करते हैं। इनसे बिजली कंपनी को एक करोड़ की बिलिंग होती है।इस तरह ईमानदार उपभोक्ताओं को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
बिजली चोरी पर नहीं लग पा रहा अंकुश : ग्रामीण एरिया के साथ नगर के वार्ड 18 राहुल नगर, वार्ड 10शांति नगर समेत अन्य झुग्गी क्षेत्र में तारों से ही बिजली सप्लाई की जा रही है। मुकम्मल व्यवस्था न होने से ग्रामीण क्षेत्र में जहां प्रत्येक महीने 25 प्रतिशत करीब 60 लाख कीमत की बिजली चोरी एवं15 लाख रुपए का 30 प्रतिशत लाइन लॉस भी हो रहा है। वहीं नगरीय क्षेत्र में पांच लाख की बिजली चोरी एवं दस फीसदी लाइन लॉस हो रहा है।इस तरह हर महीने लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान होने के बावजूद भी कंपनी एबी केबल की अनदेखी कर रही है।
व्यवस्था ठीक न होने से ग्रामीणी क्षेत्र में 15 लाख रुपए का तीस प्रतिशत हो रहा है लाइन लॉस
लोगों ने कहा- भीषण गर्मी में हो रही है हालत खराब
इस भीषण गर्मी में लोगों को बिना बिजली के ही बिताने पड़े। सतलापुर में लगी डीबी में हर दिन शॉट.सर्किट हो रहा है। इससे 24 घंटे में महज 22 घंटे ही बिजली लोगों को मिल रही है। ऐसे ही कुछ हाल पिपलिया लोरका, खनपुरा समेत अन्य गांवों में भी हैं। जहां उलझे तारों से आए दिन कटौती हो रही है। लोग बार बार होने वाले फाल्ट से परेशान हैं। वार्ड 14 सतलापुर के में वेल्डिंग वर्क का काम करने वाले मानसिंह यादव बताते हैं कि बार बार बिजली गुल होने से उनका काम प्रभावित होता है। ग्राहक को समय से माल की डिलीवरी नहीं कर पाते हैं। इससे उन्हें आर्थिक रुप से नुकसान हो रहा है। वहीं वार्ड 15 सतलापुर के रहवासी अनिल यादव बताते हैं कि दिन में कई बार पावर कट होता है। इससे मेरी टीवी खराब हो गई। इस तरह घरेलू उपकरण खराब होने की शिकायत कई लोगों ने की है।
क्या है एबी केबल
यह केबल मेटल से कबर्ड होती है। इसे काटना संभव नहीं होगा। क्षतिग्रस्त होने की संभावना बहुत कम है। इस पर किसी तरह तार डालकर बिजली लेना संभव नहीं। इससे दुर्घटना होने की संभावना भी कम होती है। फाल्ट होने की स्थिति में तुरंत सप्लाई बंद हो जाती है। सुरक्षा मापदंडों के लिहाज से इसके सभी तार प्लास्टिक कोड से एक साथ बंधे होते हैं।
इसलिए है जरूरत
अभी कंपनी को मेंटेनेंस पर सालाना लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे रखरखाव कम होगा। सुरक्षा की दृष्टि से यह काफी किफायती है। चोरी की समस्या से निजात मिलेगी। फाल्ट भी नहीं होगा।
बार-बार होता हैं फाल्ट
मौसम में खराबी आने के कारण बार- बार फाल्ट होता है। ग्रामीण क्षेत्र में एबी केबल नहीं है। इस कारण बिजली चोरी और लाइन लॉस ज्यादा होता है। मंजरे टोले में दीनदयाल विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत लाइट पहुंचाने के साथ एबी केबल डाली जाएगी। एससी खरे, डीजीएम बिजली कंपनी औबेदुल्लागंज