मंडीदीप|रामचरित मानस को हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए। व्यवहार में लाने का साधन बनाना चाहिए। क्योंकि इसका एक एक पात्र हमको आदर्श जीवन जीने की कला सिखाता है। इससे हमें प्रेरणा लेकर अपने दैनिक जीवन में उतारना चाहिए। यह सद्विचार पं रामकृष्ण महाराज ने व्यक्त किए। वे सतलापुर कि खेड़ापति माता मंदिर में आयोजित की जा रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथावाचन करते हुए बोल रहे थे।