कर्मचारियों के बकाया वेतन को लेकर आक्रोश, न्यायाधीश से मिले कर्मचारी
भास्कर संवाददाता | मंडलेश्वर
महेश्वर जल विद्युत परियोजना के कर्मचारियों के पूर्व बकाया वेतन का मुद्दा फिर से सुर्खियों में है। डेढ़ से दो साल तक शांत रहा मुद्दा इस बार केंद्र सरकार के उपक्रम व नवर| कंपनी पावर फायनेंस कार्पोरेशन (पीएफसी) द्वारा हाल ही में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) अहमदाबाद बेंच में झूठा शपथ पत्र दाखिल होने के कारण प्रकाश में आया है।
पॉवर फायनेंस कार्पोरेशन ने अपनी याचिका में लिखा है कि उसने 01 जून 2016 को एसएमएचपीसीएल के परियोजना स्थल पर कार्यरत सभी कर्मचारियों के पुराने बकाया वेतन का भुगतान कर दिया है। जबकि कर्मचारियों का 4 माह से 21 माह तक का पुराना वेतन कंपनी पर बकाया है। एनसीएलटी में पीएफसी द्वारा दायर झूठे, भ्रामक व गुमराह करने वाले शपथ पत्र से कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारी आपात बैठक कर 16 अप्रैल को एनसीएलटी अहमदाबाद गए।
यह बोला प्रतिनिधिमंडल
कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने अहमदाबाद ट्रीब्यूनल में सभी 45 कर्मचारियों का पक्ष रखा व न्यायाधीश को वस्तु स्थिति बताई। कर्मचारियों ने कहा वर्तमान में उन्हें नियमित मासिक वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जबकि दिल्ली मुख्यालय में पदस्थ कंपनी के शीर्ष अधिकारी मैनेजिंग डायरेक्टर, डायरेक्टर फायनेंस, कंपनी सेक्रेटरी नियमित वेतन ले रहे हैं। ये अपना बकाया वेतन भी ले चुके हैं। सदस्य द्वय ने कर्मचारियों का पक्ष सुनकर 29 मई को सुनवाई की बात कही।