विश्व शांति व प्राणी के कल्याण, सुख समृद्धि की कामना के साथ मां नर्मदा के पावन तट पर रामघाट तपोवन डेहरिया में 70वां विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को श्रीश्री 1008अनंत श्री विभूषित परम तपस्वी श्री बाबा सुंदरदास महाराज की सद्प्रेरणा व श्री महामंडलेश्वर 1008 बालकदास महाराज लोहा लंगड़ी के सानिध्य में महायज्ञ की शुरुआत हुई।
यज्ञाचार्य व यजुर्वेदाचार्य उज्जैन के आचार्य पं. जगदीशचंद्र द्विवेदी व पंडित रमेशचंद्र द्विवेदी के आचार्यत्व में महामंडलेश्वर बालकदास महाराज द्वारा पहले दिवस सुबह 9 बजे गणेश पूजन, यज्ञ मंडल देवता सहित 33 कोटि देवी देवताओं का आह्वान कर उनकी प्रतिष्ठा व स्थापना की। पांच दिनी महायज्ञ में रविवार सुबह अग्नि स्थापना की गई। सोमवार से प्रतिदिन 8 से 10 बजे तक पूजन, 10 से 12 बजे व दोपहर 3 से 6 बजे हवन किया जाएगा। उसके बाद महाआरती होगी। 24 मई को गंगा दशहरे पर दोपहर 2 बजे हवन की पूर्णाहुति की जाएगी। भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में श्रीश्री 108 नारायणदास महाराज व आसपास के क्षेत्रों से कई संत, महात्मा पहुंचे हैं।
विश्वशांति व कल्याणार्थ पांच दिवसीय विष्णु महायज्ञ शुरू
हवन में आहुतियां समर्पित करते श्रद्धालु।
रामघाट तपोवन में चमत्कारी हनुमान की प्रतिमा है
तपोवन में राम दरबार मंदिर, गुरुब्रहस्पति मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर के साथ-साथ चमत्कारी हनुमान मंदिर प्रतिमा भी है। नारायणदास महाराज ने बताया आश्रम स्थित हनुमान जी की प्रतिमा बहुत चमत्कारी है। बारिश के समय कई बार बाढ़ आने के बाद भी हनुमान की प्रतिमा एक बार भी क्षतिग्रस्त नहीं हुई है। विगत वर्षों भी नर्मदा का पानी आश्रम के ऊपर तक आ गया था। इस दौरान हनुमान मंदिर पूरा डूब गया था लेकिन हनुमान जी की प्रतिमा को कोई क्षति नहीं हुई। हनुमानजी की प्रतिमा साक्षात है। चोला चढ़ाने के लिए भक्तो को वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है।