बिजली के तार से ट्रक में आग लगी, जलता ट्रक दो किमी दूर ले आया चालक, ग्रामीणों ने बुझाया
रोड किनारे लगे बिजली खंभों के झूलते तारों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। बुधवार सुबह कलालिया-रिंगनोद रोड पर खाली बारदात से भरा ट्रक हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। शार्ट सर्किट हुआ और ट्रक में आग लग गई। सुनसान इलाके में मदद के लिए कोई नजर नहीं आया तो ट्रक चालक जलता हुआ ट्रक लेकर दो किलोमीटर दूर कलालिया पहुंच गया। एक हौज के पास ट्रक खड़ा कर ग्रामीणों से मदद मांगी। लोगों ने दमकल को सूचना दी और खुद आग बुझाने में लग गए। दमकल आने से पहले ही ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। इससे ट्रक में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन उसमें भरे 70 में से 50 बंडल बारदान जलकर राख हो गए।
ट्रक चालक रिंगनोद निवासी फारूख खान ने बताया मंगलवार को उज्जैन से बारदान के 70 बंडल ट्रक में भरे और इन्हें मंदसौर जिले के दलौदा व कचनारा सोसायटी में उतारना थे। उज्जैन से जावरा तक आने में रात हो गई तो मैं ट्रक घर रिंगनोद ले गया। वहां से सुबह 9 बजे वापस बारदान भरा ट्रक लेकर फोरलेन तरफ आ रहा था। कलालिया व रिंगनोद के बीच रोड पर नीचे लटक रहे हाईटेंशन लाइन से ट्रक का ऊपरी हिस्सा टकरा गया। शार्ट सर्किट हुआ और ट्रक में भरे बारदान ने आग पकड़ ली। आसपास कोई नजर नहीं आया और पानी नहीं दिखा तो मैं हिम्मत जुटाकर जलते ट्रक को दोे किमी दूर कलालिया के पास रोड किनारे स्थित हौज तक ले आया। यहां ट्रक रोककर ग्रामीणों से मदद मांगी। कलालिया के दिलीप पाटीदार, पप्पू चौधरी, दिनेश लौहार, सुभाष भूत, राहुल लौहार, हरिओम शाह, जीवन भूत, राकेश चक्कीवाला, रणछोड़ हौज , जगदीश शाह व दशरथ शाह आदि ने तुरंत हौज से पानी लेकर आग बुझाने में मदद की। ट्यूबवेल चालू कर दी। इससे आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। इस बीच जावरा से नपा की दमकल आई और फिर उससे बाकी आग बुझाई। मंदसौर से मौके पर पहुंचे ट्रक मालिक सुरेश शर्मा ने ग्रामीणों की मदद से खुश होकर गांव के हनुमान मंदिर में 5 हजार रुपए भेंट किए। रिंगनोद टीआई शिवांशु मालवीय, सरपंच प्रतिनिधि राधेश्याम सुनारिया मौजूद थे।
ग्रामीणों की मदद से बारदान में लगी आग बुझाई
ग्रामीणों ने ट्यूबवेल व होज के पानी से आग पर काबू पा लिया।
तार पेड़ों पर टांक दिए, पहले भी हो चुके कई हादसे
रोड किनारे खंभों के तार ढीले होने पर उन्हें ऊंचे करने की बजाय आसपास पेड़ों पर टांक दिए और अन्य वायर से खींचकर बांध दिए। बिजली कंपनी की इस लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके है। सरपंच प्रतिनिधि सुनारिया ने बताया हाइटेंशन लाइन के तार रोड पर झूल रहे हैं। पेड़ों पर तार बांधने से पखवाड़ेभर पहले ही लक्ष्मीनारायण प्रजापत के मवेशी इसकी चपेट में आने से मर गए थे। दशरथ शाह ने बताया मेरे घर के बाहर नीम के पेड़ पर तार बंधे होने से उसमें आग लगी और पेड़ सूख गया। हरिराम शाह ने बताया मेरे संतरे के बगीचे में तार बांध दिए। इससे कई पेड़ खराब हो गए। कई बार आवेदन दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। बिजली कंपनी डीई एस.के. सूर्यवंशी ने मामला दिखवाने की बात कही है।