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सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए उज्जैन से आया दल, पड़ताल की

3 वर्ष पहले
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सीवरेज प्रोजेक्ट में आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने व नपा द्वारा तैयार कराई रिपोर्ट की जांच के लिए शुक्रवार को उज्जैन से अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की तकनीकी टीम मंदसौर पहुंची। टीम ने नपा से भी डाटा की जानकारी मांगी, प्रोजेक्ट में उपयोग होने वाली जमीन के सर्वे नंबर व खसरा नकल की कॉपी ली। स्थल निरीक्षण कर किसी जगह में कोई तकनीकी समस्या तो नहीं यह जानने का प्रयास किया। अधिकारी जल्द डीपीआर में बदलाव कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रहे हैं।

करीब दो साल पहले नपा ने कंसल्टेंट नियुक्त कर 170 करोड़ रुपए के सीवरेज प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कराई थी। नपा इंजीनियरों की लापरवाही से प्रोजेक्ट में कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। मुख्य वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की जगह विवादित होने के बाद अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की तकनीकी टीम ने इसके लिए शिवना किनारे अलावदाखेड़ी मार्ग पर नई जगह का चयन किया है। मुख्य वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की जगह में बदलाव होने से शहर से आने वाली पाइप लाइन को मोड़ना होगा, इसके लिए डीपीआर में बदलाव किए जा रहे हैं। इस तरह की समस्या आगे किसी जगह में ना आए, इसके लिए तकनीकी टीम ने शुक्रवार को मंदसौर पहुंच नपा से सर्वे का डाटा, चयनित जगहों की खसरा नकल व कई दस्तावेज मांगे। इसके साथ प्रोजेक्ट में बनने वाले छोटे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की जगहों का निरीक्षण भी किया। अब दस्तावेज व डाटा के आधार पर इनकी तकनीकी जांच की जाएगी। सबकुछ सही होने पर कंपनी डीपीआर में बदलाव कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रही है।

जांच

टीम ने जमीन की जानकारी ली, खसरा नकल व दस्तावेज भी मांगे, जल्द डीपीआर में बदलाव कर टेंडर प्रक्रिया शुरू हाेगी

वर्ल्ड बैंक के नियमों के अनुसार डीपीआर बनाएंगे

सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी टीम ने नपा इंजीनियर के साथ किया स्थल निरीक्षण।

अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के संभागीय प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीकांत पटवा ने बताया कि वर्ल्ड बैंक के नियमों के अनुसार डीपीआर तैयार कराई जा रही है। तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए नपा से जमीन की खसरा नकल, सर्वे डाटा सहित कई जानकारियां ली हैं। इसके अनुसार अब डीपीआर में बदलाव कराए जाएंगे। डीपीआर में बदलाव होते ही वर्ल्ड बैंक के सामने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया जाएगा, किसी तरह की समस्या नहीं होने पर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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