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इंटकवेल का काम रुका, इस साल नहीं मिलेगा चंबल का पानी

3 वर्ष पहले
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अमृत में स्वीकृत 52 करोड़ रुपए की चंबल पेयजल योजना को पूरा करने के लिए ठेकेदार को जून 2018 तक समय सीमा दी थी। नपा ने एमपीआरडीसी को राशि जमा नहीं कराई जिससे उनकी अनुमति नहीं मिल रही है। इधर, जिम्मेदारों की लापरवाही से अब तक रेलवे की भी अनुमति नहीं मिली है। इंटकवेल को बाहर बनाने के बाद इसमें डालने वाली पाइप लाइन की डिजाइन फाइनल नहीं हो पाई है। समय सीमा खत्म होने पर ठेकेदार ने नवंबर तक समय सीमा को बढ़ाने का आवेदन दिया है।

नपा के जनप्रतिनिधियों ने दिसंबर 17 में ही चंबल का पानी मंदसौर लाने जैसे बड़े-बड़े दावे किए थे। योजना के अंतर्गत ग्राम कोलवी के पास चंबल नदी पर इंटकवेल निर्माण कर 53 किमी की पाइप लाइन के माध्यम से मंदसौर के रामघाट बैराज पानी लाना है। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कोई काम पूरा नहीं हुआ है। ठेकेदार ने पहले तय स्थान से बाहर इंटकवेल बना दिया जिससे अब इंटकवेल से नदी में डाली जाने वाली पाइप लाइन का काम डिजाइन के चक्कर में अटक गया है। जिम्मेदारों ने नदी की सबसे गहराई वाले स्थान तक पाइप लाइन डालने का निर्णय लिया था जिससे गर्मी में पानी कम होने पर भी पानी मिल सके। जगह बदलने के बाद पाइप लाइन कि डिजाइन में भी बदलाव किए जाना है, पानी में पाइप लाइन फूटे ना, मिट्‌टी व कचरा फंसने पर उसकी सफाई किस तरह करेंगे, इस तरह के कई बिंदुओं काे ध्यान में रखते हुए डिजाइन तैयार की जाना है। इसके अभाव में इंटकवेल में पाइप लाइन डालने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही पाइप लाइन का काम नहीं किया तो बरसात में पानी आने के बाद नदी के मध्य पाइप लाइन डालना मुश्किल होगा। इसके लिए अगले साल गर्मी तक इंतजार करना होगा।

लापरवाही
जून तक काम पूरा करना था, 30 फीसदी अब भी बाकी, ठेकेदार ने टाइम लिमिट बढ़ाने के लिए दिया आवेदन
एमपीआरडीसी को जमा नहीं कराई राशि इसलिए नहीं मिल पाई अनुमति
डिजाइन के चक्कर में रुका इंटकवेल पर पाइप लाइन का काम।

चंबल से मंदसौर रामघाट तक 53 किमी की पाइप लाइन में से लगभग 47 किमी की लाइन डालने का काम हो गया है। डिगांव चौपाटी पर सीतामऊ रोड को क्राॅस करने के लिए एमपीआरडीसी से अनुमति लेना है। अधिकारियों के अनुसार तो एमपीआरडीसी ने अनुमति दे दी लेकिन काम करने से पहले नपा को एमपीआरडीसी के खाते में करीब एक लाख रुपए जमा कराना है। राशि जमा नहीं कराने से यह काम महीनों से अधूरा है। इधर, मैनपुरिया आश्रम के पास रेलवे लाइन के नीचे से पाइप लाइन निकालने के मामले में छह माह बाद भी रेलवे से अनुमति नहीं मिल पाई है। इन सब अधूरे कामों के चलते ठेकेदार तय समय सीमा जून 18 तक काम पूरा नहीं कर पाया। अब उसने शासन को पत्र लिखकर नवंबर तक समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।

पंप हाउस का निर्माण भी नहीं हो पाया शुरू- चंबल योजना में पानी मंदसौर तक लाने के लिए इंटकवेल के पास पंप हाउस का निर्माण किया जाना है। इसके लिए भी काम शुरू नहीं हो पाया है। पंप हाउस पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए यहां अलग से ग्रिड निर्माण होना है। लेकिन यह काम भी अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं।

समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे
समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ड्राइंग डिजाइन संबंधी मामले को लेकर सोमवार को भोपाल में शासन स्तरीय बैठक होगी। इसमें उच्च अधिकारी इंटकवेल की डिजाइन को लेकर निर्णय लेंगे। रेलवे व एमपीआरडीसी से अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। संभवत: इस माह के अंत तक अनुमति मिलने की तैयारी है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द चंबल का पानी मंदसौर लाया जाए।- पुलकित पटवा, जलकल सभापति

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