भगवान कृष्ण का बाल-गोपाल संग खेलना भी सामाजिक समरसता थी
मंदसौर | सामाजिक समरसता मंच ने भीमराव आंबेडकर की जयंती पर नगरपालिका सभागृह में व्याख्यान रखा। अतिथि एवं वक्ता सामाजिक समरसता एवं सद्भाव समिति मालवा प्रांत सहसंयोजक विपिन आर्य उज्जैन थे। अध्यक्षता अजाक्स पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ शिक्षक रामलाल लोदवार ने की। नगर संघचालक सत्यनारायण सोमानी मंचासीन थे।
अतिथियों ने डॉ. आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया। प्रांत प्रमुख आर्य ने कहा जब से सृष्टि की रचना हुई तब से आज तक जितने भी अवतार धरती पर हुए, चाहे वह राम हो, कृष्ण हो सभी अवतारों ने सामाजिक समरसता का संदेश जनता को दिया। चाहे राम का वनवास जाने से आने तक का समय हो गया भगवान कृष्ण का बाल गोपाल संग खेलना सभी समाज व धर्म के बच्चों के साथ पढ़ना-लिखना हो। समभाव-सद्भाव का संदेश देते हैं। आपने कहा कि गौतम बुद्ध, राजाराम मोहनराय, दयानंद सरस्वती, महात्मा ज्योति बा फूले, लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर सभी संत महात्माओं ने अपने-अपने युग में समाज में फैली कुरुतियों को दूर करने का काम किया। आर्य ने कहा बाबा साहेब समरसता के प्रणेता थे। उन्होंने सदैव समरस भारत का सपना संजोया था। लोदवार ने संबोधित करते हुए बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डाला। प्रस्तावना रखते हुए सामाजिक समरसता एवं सद्भाव समिति जिला संयोजक जितेंद्र गेहलोद ने कहा समरसता मंच का उद्देश्य संपूर्ण समाज में समरसता का भाव अक्षुण्य बना रहे ऐसा है। समरसता मंत्र का वाचन कुलदीप नीमे ने किया। अतिथि सम्मान अमरजीत चावला, सुरेश भावसार, विजय कोठारी, नगर सहसंयोजक विकास चौधरी ने किया। राजेंद्र अग्रवाल, ब्रजेश जोशी, प्रबोध पारिख, श्रवण रजवानिया, विनोद मेहता सहित मंच सदस्य मौजूद थे। संचालन प्रदीप भाटी ने किया। एवं आभार राजेश पाठक ने माना।
अांबेडकर जयंती
प्रांत प्रमुख आर्य ने कहा जब से सृष्टि की रचना हुई तब से आज तक जितने भी अवतार धरती पर हुए, चाहे वह राम हो, कृष्ण हो सभी ने जनता को संदेश दिया है
व्याख्यानमाला के दौरान अतिथियों ने आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया।
‘डामर पोतने की प्रवृत्ति दोहरापन है’
मन्दसौर | देश में इन दिनों संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के स्वागत तथा उनकी प्रतिमा पर डामर पोतने की घटनाएं हो रही है। इस प्रकार की प्रवृत्ति दोहरेपन का प्रतीक है। डामर पोतने की निंदा की जाए तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ये बात जिला इंटक अध्यक्ष राधेश्याम पंडित ने कही। वे श्रम शिविर में डॉ. आंबेडकर जयंती पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर सामाजिक न्याय के प्रणेता थे। मंदिर प्रवेश, पीने के पानी लाने में इस वर्ग को जो परेशानियां है वे किसी से छिपी नहीं है। इस मौके पर जिला इंटक उपाध्यक्षद्वय श्री खूबचंद शर्मा, विक्रम विद्यार्थी, इंटक नेता गोपाल गुरू, लक्ष्मीनारायण भावसार, सौभाग्यमल जैन, मनोज व्यास, सुनील गुप्ता, श्यामलाल बैरागी ने डॉ. आंबेडकर की सेवाओं का स्मरण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संचालन खूबचंद शर्मा ने किया। आभार श्री श्यामलाल बैरागी ने माना।
जातिविहीन समाज की स्थापना हो
मंदसौर | आंबेडकर पखवाड़े के तहत वाल्मिकी समाज ने आंबेडकर जयंती समारोह का आयोजन किया। अतिथि वाल्मीकि समाज के राजाराम तंवर, कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचंद, ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश पटेल, मेघवाल समाज अध्यक्ष के.सी.सोलंकी, अजाक्स के पूर्व अध्यक्ष रामलाल लोदवार, अपाक्स के जिलाध्यक्ष चेतनदास गनछेड़, मेघवाल समाज के प्रांतीय महासचिव शंकरलाल बामनिया, मोहनलाल जयपाल, अनीता खोखर, अम्बालाल चंद्रावत थे। अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र भारद्वाज ने की। । जयपाल ने जातियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जातियां पेड़-पौधों , जानवरों में होती है। इंसानों में सिर्फ दो ही जातियां होती है स्त्री और पुरुष फिर ये भेदभाव क्यों ? जाति विहीन समाज की स्थापना की जाना चाहिए। ताकि सभी एक समान जीवन जी सके। अतिथियों ने बाबा साहेब के जीवन पर प्रकाश डाल तथा समता, समानता के साथ जाति विहीन समाज की स्थापना पर बल दिया। संचालन गेहलोत ने किया आभार रोहित खोखर ने माना।