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पलेवना में सूखे डोडों से अफीम निकालने का ट्रायल करेगी सरकार

3 वर्ष पहले
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विदेशों में अफीम खेती की तर्ज पर केंद्र सरकार नीमच-मंदसौर जिले में भी इसका ट्रॉयल करने जा रही है। इसके तहत मंदसौर जिले के पलेवना गांव में बिना चीरा लगे सूखे डोडों से अफीम निकालने के लिए मुंबई की रूसान फार्मा प्राइवेट लि. कंपनी को जिम्मेदारी दी है। कंपनी संभवत: इसी महीने में यह काम शुरू करेगी।

विदेशों में किसान अफीम खेती करते हैं लेकिन उपज नहीं लेते हैं। फसल में डोडे और अफीम आने पर सरकार पौधे के अधिकांश भाग को काट कर डोडे से मशीन द्वारा अफीम निकालती है। केंद्र सरकार ने यह प्रयोग देश में भी करने का निर्णय लिया। इसके लिए अफीम उत्पादक मंदसौर जिले के पलेवना गांव का चयन किया है। जहां 10 किसान जिन्होंने डोडों में चीरा नहीं लगाया है वहां कंपनी रिसर्च करेगी। नारकोटिक्स विभाग के अनुसार एक हेक्टेयर खेती में लगे डोडे काटकर ले जाने के लिए कंपनी को 6 लाख 60 हजार रुपए जमा करने के आदेश दिए थे। कंपनी ने यह राशि नीमच विभाग के खाते में जमा करवा दी है। कंपनी डोडों से अफीम निकालेगी तथा एक हेक्टेयर की अफीम में मार्फिन का प्रतिशत देखेगी। नारकोटिक्स डीएनसी प्रमोदसिंह ने बताया मुंबई की कंपनी ने रिसर्च के लिए आवेदन दिया था। जिसे उच्च अधिकारियों ने स्वीकृति जारी कर दी है। कंपनी के अधिकारी मार्फिन निकालने के लिए ट्रॉयल की तैयारी कर रहे हैं।

डोडों से सीधे निकलती है 40 फीसदी अफीम - खेतों में डोडों से सीधे अफीम निकालने की खेती विदेशों में होती है। इससे करीब 40 फीसदी अफीम ही निकलती है। खेतों से पके डोडे जिसमें अफीम होती है वह काटे जाते हैं।

मंदसौर एसपी ने दिया था ऑस्ट्रेलियन पद्धति का सुझाव

अफीम खेती को लेकर नीमच-मंदसौर जिले के एसपी ने अलग अलग पद्धति से खेती करने की वकालात की थी। नीमच एसपी टीके विद्यार्थी ने सीपीएस पद्धति तो मंदसौर एसपी मनोज सिंह ने ऑस्ट्रेलियन पद्धति से खेती करने का सुझाव दिया था। सीपीएस पद्धति में खेतों से डोडे काटकर मार्फिन निकाली जाती है। ऑस्ट्रेलियन पद्धति में सरकार करीब 500 एकड़ के दायरे में सामूहिक खेती करती है तथा इस क्षेत्र को डेंजर जोन घोषित किया जाता है। जहां किसी के भी आवाजाही पर प्रतिबंध रहता है। अफीम तैयार होने पर मशीन से फसल कटाई होती है। डोडे को जमीन से एक फीट नीचे से निकाल दिया जाता है। ताकि किसी तरह के अवशेष ना रहें। ऐसे में वहां अफीम चोरी, तस्करी के मामले नहीं आते है।

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