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जिला अस्पताल के गेट पर पूजा कर फिर शराब चढ़ा गया कोई

3 वर्ष पहले
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जिला अस्पताल में अंधविश्वास का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकारी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ते दिखाई दे रहे हैं। एक सप्ताह में चार लोग कथित रूप अपने मृतक परिजन की आत्मा लेने पहुंच गए हैं। वे यहां पर शोर करने के साथ धुआं भी करते हैं। जबकि अस्पताल के मानकों के अनुसार ऐसे सेंसेटिव क्षेत्र में इस तरह की कोई भी गतिविधि नहीं की जा सकती। मामले में जिला अस्पताल प्रबंधक सिक्युरिटी एजेंसी व पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं तो पुलिस अधिकारी कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने की बात कह रहे हैं।

बुधवार सुबह 7 बजे एक परिवार अपने मृतक की आत्मा को लेने पहुंच गया। यहां पुलिस चौकी के पास स्थित मेन गेट पर ही उन्होंने पूजा-अर्चना की। इस दौरान तांत्रिक क्रिया हुई। यहां अगरबत्ती लगाई गई और सिंदूर, चावल व नारियल चढ़ाया गया। प्रक्रिया करीब 15 मिनट चली लेकिन किसी ने भी उस परिवार को रोका नहीं। जिला अस्पताल में आत्मा लेने पहुंचने का यह सप्ताह चौथा मामला है। बावजूद इसके अब तक अस्पताल या फिर पुलिस प्रशासन ने ऐसी किसी घटना को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। सबसे बड़ी बात यह है कि इस घटना के दौरान मरीजों व उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

हो सकती है कार्रवाई पर अब तक नहीं की गई

पूजा व तंत्र क्रिया कर इस तरह लोग छोड़ जाते हैं पूजन सामग्री।

सिक्युरिटी व पुलिस की जवाबदारी है - अस्पताल प्रबंधक

जिला अस्पताल प्रभारी प्रबंधक हिमांशु यजुर्वेदी ने बताया कि आत्मा लेने आने वालों को रोकने की जवाबदारी सिक्युरिटी एजेंसी व पुलिस चौकी की है। सारा घटनाक्रम पुलिस चौकी के सामने हुआ लेकिन किसी को रोका नहीं गया तो अब यह परंपरा बनती जा रही है। हालांकि सिक्युरिटी को निर्देशित किया गया है। अब यदि कोई एेसा करता मिलेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

कानून व्यवस्था हमारा काम- टीआई

जिला अस्पताल में चौकी मरीजों व उनके रिश्तेदारों की शिकायत लिखने के लिए एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हैं। अस्पताल में ऐसे घटनाक्रम को रोकने के लिए वहां सिक्युरिटी गार्ड हैं। विनोदसिंह कुशवाह, टीआई सिटी कोतवाली

संबंधित के खिलाफ करेंगे कार्रवाई

जिला अस्पताल में पहली बार जब इस तरह की यह घटना हुई तो मैं इंदौर में था। मामला मीडिया के माध्यम से ही मुझे पता चला। यदि अब ऐसी कोई भी घटना होती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएल शाक्य, एसडीएम मंदसौर

किसी भी पब्लिक प्लेस में कोई भी व्यक्ति यदि पब्लिक न्यू सेंस फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए सीआरपीसी की धारा 133 में प्रावधान है। इसके अंतर्गत जिला दंडाधिकारी, अनुविभागीय दंडाधिकारी कार्रवाई कर सकता है। कानूनी जानकारों में आईपीसी की धारा 268, 269,270 में भी ऐसी घटनाओं को रोकने व उनके खिलाफ कार्रवाई करने के प्रावधान है।

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