एक सप्ताह के सर्वे में 52 से 53 हो गईं अवैध कॉलोनी, 20 और बढ़ सकती हैं
शहर की सभी अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नपा द्वारा नियुक्त कंसल्टेंट ने सर्वे शुरू कर दिया है। उसके कर्मचारी नपा द्वारा उपलब्ध कराई सूची के अनुसार कॉलोनियों में भ्रमण कर नक्शा तैयार कर रहे हैं। इसमें उपलब्ध सुविधा व अभाव की जानकारी दर्ज की जाएगी। कंसल्टेंट ने अब तक संजय हिल्स एक व दो का सर्वे पूरा कर लिया है। अब इनकी डिजाइन तैयार की जा रहा है। सर्वे में अवैध कॉलोनियों की संख्या भी बढ़ने की पूरी संभावना है। सूत्रों के अनुसार एक सप्ताह के सर्वे में अवैध कॉलोनियों की संख्या 52 से 53 हो गई है। करीब 20 कॉलोनियों और बढ़ने की संभावना है।
दिवाकर डिजाइन हाउस नीमच की टीम एक सप्ताह से शहर में अवैध कॉलोनियों का सर्वे कर रही है। टीम के उमेश राठौर ने बताया कि अवैध कॉलोनियों में रोड, नालियों, बिजली, पानी आदि की सुविधाओं का आकलन किया जा रहा है। नक्शा तैयार कर कहां मकान बना है, कितना भूखंड खाली है। इस तरह की पूरी डिटेल डिजाइन कॉलोनीवार तैयार की जाएगी। अभी एक सप्ताह में संजय हिल्स 1 व 2 का सर्वे किया है। दोनों का सर्वे सोमवार सुबह ही पूरा हुआ।
जानकारी ले रहे हैं- नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार ने बताया कि कंसल्टेंट द्वारा सर्वे किया जा रहा है। जिन कॉलोनियाें की सूची है उसकी पूरी डिटेल एकत्र कर डिजाइन तैयार की जाएगी। सर्वे के दौरान यदि और भी अवैध कॉलोनियों की जानकारी मिलती है तो भी सर्वे करा लिया जाएगा।
सर्वे के बाद में पूरी सूची तैयार की जाएगी
सर्वे के लिए नपा ने अभी कंसल्टेंट को 52 कॉलोनियों की सूची उपलब्ध कराई है। सर्वे के साथ अवैध कॉलोनियों संख्या भी बढ़ने की संभावना है। सात दिन के सर्वे में अवैध कॉलोनियों की संख्या 53 हो गई है। हाजी कॉलोनी को शामिल करना पाया है लेकिन नपा ने इसे अभी सूची में शामिल नहीं किया है। सर्वे पूरा होने तक करीब 20 अवैध कॉलोनियां और बढ़ने की संभावना है। नपा के जिम्मेदारों के अनुसार सर्वे में अवैध कॉलोनी मिलने पर बाद में पूरी सूची तैयार की जाएगी।
कलेक्टर ने 26 मई तक मांगे दावे-आपत्ति
इधर, कलेक्टर ने अधिसूचना जारी कर रखी है। इसमें 26 मई तक कॉलोनियों के नियमितिकरण को लेकर दावे-आपत्ति मांगे हैं। ये आने के बाद 15 दिन में निराकरण किया जाएगा। लोगों को केवल रोड व बगीचे जैसी सुविधा के लिए जनसहयोग देना होगा। इसमें भी कहीं लोग राशि देने जैसी स्थिति में नहीं हैं तो विधायक व सांसद निधि से राशि ली जा सकती है। कलेक्टर के पास रखी आश्रय निधि का भी उपयोग किया जाएगा।