टीबी की रोकथाम करने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन भोपाल के 2 चिकित्सक मंदसौर अस्पताल आए। रोगियों की संख्या की जानकारी ली। सीएमएचओ ने बताया जिले में टीबी रोगियों की संख्या 2100 से ज्यादा है। कैटेगरी आधार पर अपडेट भी लिया। प्राइवेट चिकित्सकों के जरिए रोगी चिह्नित करने, नई नीति पर चर्चा की गई। नगर के प्राइवेट डॉक्टरों को टीबी नोटिफिकेशन के लिए बनाए मोबाइल एप के बारे में बताया।
केंद्र सरकार ने टीबी को नोटिफाइबल डिसीज घोषित किया है। इसके तहत प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स को अपने अस्पताल में उपचाररत टीबी रोगियों की जानकारी जिला अस्पताल स्थित क्षय केंद्र में दर्ज कराना होगी। इसी विषय पर भोपाल से आए डॉ. संदीप मिश्रा, डॉ. वाय.के. जानी ने मंदसौर अस्पताल का भ्रमण किया। सुबह केमिस्ट के साथ जिला अस्पताल में बैठक ली तो शाम को आईएमए डॉक्टर्स के साथ ‘एंड टीबी समिट’ का आयोजन किया। इसमें नगर के 75 डॉक्टर शामिल हुए। डॉ. मिश्रा ने बताया प्रति नोटिफिकेशन पर डॉक्टर को 500 रुपए देने की योजना है। 1 अप्रैल 2018 से दर्ज होने वाले हर टीबी मरीज को पोषण आहार के लिए प्रतिमाह 500 रुपए दिए जाएंगे। जिला टीबी वार्ड काउंसलर विपिन सक्सेना ने बताया इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सदस्यों व केमिस्ट ने भी रोग के कंट्रोल करने के अभियान में सहयोग की बात कही है। क्षय अधिकारी डॉ. आरके द्विवेदी ने बताया जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्क फोर्स का गठन भी किया जा चुका है।