फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर बैंक से लोन लेने वाले को ढाई साल कैद
फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर ऋण लेने वाले एक आरोपी को कोर्ट ने ढाई साल की कैद व अर्थदंड सुनाया। सजा तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश रूपेश गुप्ता ने दी। लोक अभियोजक प्रफुल्ल यजुर्वेदी ने बताया प्रकरण के अनुसार 29 मई 2012 को एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि ने एसपी को शिकायत की। इसमें बताया मंदसौर निवासी संजय उर्फ सत्यनारायण सोनी अनैतिक गतिविधियों में लिप्त होकर बड़े पैमाने पर लाखों की चोरी व नकबजनी के अपराध में लिप्त है।
बैंक ने संजय सोनी के ऋण हेतु प्रस्तुत किये गये दस्तावेज की गहन जांच की तब पता चला कि ऋणी संजय ने किसी महिला के नाम की नपा सम्पत्ति कर की रसीद स्वयं द्वारा प्रमाणित कर फर्जी दस्तावेज बनाकर तथ्यों को छिपाकर बैंक से सुनियोजित तरीके से रुपए हड़पने के लिए ऋण प्राप्त किया था। एसआई ब्रजभूषण हिरवे ने जांच की। प्रकरण में अभियोजन ने हस्तलेख विशेषज्ञ सहित 12 साक्षियों के कथन कराए। इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में ढाई साल कैद व दो हजार रुपए अर्थदंड दिया। आरोपी संजय सोनी राजस्थान में अनेक चोरी की वारदात को अंजाम दिया तथा पुलिस से बचने के लिए चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करवाई तथा सत्यनारायण से नाम बदलकर संजय कर लिया।