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जिले में मलेरिया व चिकनगुनिया फैलने से पहले रोकथाम में लगा स्वास्थ्य विभाग

3 वर्ष पहले
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जिले में हर साल मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां परेशानी का सबब बन रही हैं। गतवर्ष भी जिले में काफी प्रयासों के बाद भी 221 मरीज मलेरिया पॉजीटिव पाए गए थे। डेंगू और चिकनगुनिया के भी 86 मरीज मिले थे। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने इनकी रोकथाम के लिए इस वर्ष बरसात से पहले ही प्रयास शुरू कर दिए थे। बीमारियों से बचाव के लिए जिले को मलेरिया ऑफ 200 व यूपीटोरियम 200 होम्योपैथिक दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। ये दवाइयां आयुष विभाग के माध्यम से स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करना है।

जिले में बारिश के साथ और बाद में हर साल मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हर साल मलेरिया व स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनकी रोकथाम के लिए जलस्रोतों में गंबूशिया मछली डाली जाती हैं और शहर व गांवों में कीटनाशक का स्प्रे कराया जाता है। बावजूद बीमारियां पैर फैला ही लेती हैं। पिछले साल भी जिले के संधारा ब्लॉक में मलेरिया, मल्हारगढ़ तहसील व मंदसौर में डेंगू के 32 मरीज पाए गए थे। इससे मरीजों के खून की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को ओपीडी में ही विशेष लैब की व्यवस्था करना पड़ी थी।

इस साल स्वास्थ्य विभाग ने इन बीमारियों को पैदा होने से पहले ही रोकने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। रोकथाम के लिए मलेरिया ऑफ 200 एवं यूपीटोरियम 200 होम्योपैथिक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। जिले के हर स्वास्थ्य केंद्र पर ऐसी 50 हजार डोज उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में ये दवाइयां बच्चों को खिलाई जा रही हैं। होम्योपैथिक दवा होने से इनके उपयोग से किसी तरह के साइडइफेक्ट का खतरा नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में बीमारियों को रोकने के लिए बच्चों को वितरित कर रहे दवाई।

अगस्त व सितंबर में बढ़ते हैं मरीज

बीते साल जुलाई तक मलेरिया रोगियों की संख्या 48 थी। अगस्त से 30 सितंबर तक 201 मरीज और बढ़ गए। अकेले सितंबर में ही 125 मलेरिया रोगियों की पुष्टि हुई थी। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग ने अभी से एहतियात बरतना शुरू कर दी है।

डेंगू-मलेरिया का नि:शुल्क इलाज उपलब्ध है- सीएमएचओ

सीएमएचओ डॉ. महेश मालवीय ने बताया डेंगू व मलेरिया का सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज उपलब्ध है। बेहतर है कि हम इसे फैलने से पहले ही रोकें। इसके लिए सप्ताह में एक बार पानी के बर्तन, टंकियों, कूलर को साफ करें ताकि उनमें पानी जमा न रहे। लार्वा व मच्छर पनपना ही डेंगू व मलेरिया का मुख्य कारण है।

अाप इस तरह ले सकते हैं दवा

जिला आयुष अधिकारी डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कोई भी व्यक्ति मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पहुंचकर होम्योपैथिक दवा ले सकता है। बड़े सप्ताह में एक बार चार गोली खाली पेट लें। गोली खाने के एक घंटे पहले और एक घंटे बाद तक कुछ नहीं खाएं। बच्चों को सप्ताह में एक बार में सिर्फ दो गोली ही दी जा सकती हैं।

दवा वितरण व कीटनाशक का कर रहे हैं स्प्रे

जिला मलेरिया अधिकारी प्रेमलता डाबी ने बताया दवाइयों के वितरण के साथ हम मलेरिया फैलाने वाले लार्वा की रोकथाम के लिए गांवों में कीटनाशक पायरेथ्रियम का स्प्रे भी करवा रहे हैं। तालाबों व जलस्रोतों में गंबूशिया मछली भी डाली जा रही हैं।

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