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सिर्फ ढाई महीने में टीआई की लिस्ट में बढ़ गए पांच नए नाम, इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ

3 वर्ष पहले
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जिले में 16 थाने हैं। इनमें से सिटी कोतवाली थाने में टीआई बदलने का दौर चल रहा है। यहां सिर्फ ढाई महीने में ही टीआई की सूची में 5 अधिकारियों के नाम चढ़ चुके हैं। इस थाने में जितेंद्रसिंह यादव डेढ़ माह, केएल डांगी तीन सप्ताह और ओपी तंतवार केवल तीन दिन ही टिक सके। 79 दिन में 4 अफसरों के स्थानांतरण के बाद मंगलवार को पांचवें टीआई के तौर पर नरेंद्रसिंह यादव ने ज्वाइनिंग दी। थाना बनने के बाद से इस स्तर पर बदलाव पहले कभी नहीं हुआ। कुछ बदलाव के पीछे कारण उनका विवादित होना, निष्क्रियता व शासनस्तर से कार्रवाई होना बताया जा रहा है। 7 वर्षीय स्कूली छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला इसी थाना क्षेत्र का था। चुनावी साल होने से भी सिटी कोतवाली थाने का मैनेजमेंट चुनौती है।

सबसे पुराने थानों में शुमार सिटी काेतवाली थाने में टीआई बदलने के मामले मेें नया रिकॉर्ड बन गया है। इससे यहां आमद देने वाले हर नए टीआई की चिंता बीते ढाई महीने का रिकॉर्ड बढ़ा देता है क्योंकि दरअसल का जो ट्रेंड इस थाने में चल रहा है वैसा जिले के वायडी नगर, गरोठ, भानपुरा, सीतामऊ, मल्हारगढ़ या अन्य किसी भी थाने में नहीं है। यहां तेजी से टीआई बदलाना शहर में चर्चा का विषय बन गया है। बदलाव की शुरुआत 17 मई 2018 काे टीआई विनोदसिंह कुशवाह के स्थानांतरण से हुई थी जो अब तक जारी है। तब से अब तक यहां 4 टीआई बदल चुके हैं। यहां मंगलवार काे पांचवें टीआई नरेंद्रसिंह यादव ने ज्वाइन किया।

79 दिनों में सिटी कोतवाली में ये टीआई बदले

विनोदसिंह कुशवाह : 17 मई 2018 को सिटी कोतवाली से वायडी नगर थाने स्थानांतरण किया गया। कुशवाह जनवरी 2017 में टीआई के रूप में पदस्थ हुए थे।

कारण- एक ही थाने में सवा साल तक पदस्थ रहने के कारण इन्हें जिले के दूसरे थाने में स्थानांतरित किया गया।

जितेंद्रसिंह यादव : इसी साल 24 मई काे टीआई के पद पर ज्वाइन हुए थे। महीनेभर में ही इन्हें यहां से हटा दिया गया। इन्हें पुलिस कंट्रोल रूम पदस्थ में किया गया।

कारण- 3 वकीलों पर केस दर्ज किया ताे अभिभाषक संघ के दबाव में हटाना पड़ा।

के. एल. डांगी : 12 जुलाई 2018 काे सिटी कोतवाली में पदभार ग्रहण किया। एक महीना भी पूरा नहीं हुआ और 6 अगस्त को शाजापुर तबादला हो गया।

कारण- सीतामऊ में पदस्थापना के बाद सरकार तक कुछ शिकायतें पहुंची थीं, इससे शासनस्तर पर तबादला किया गया।

प्रशासनिक व्यवस्था के कारण लेने पड़ते हैं निर्णय

यह सही है कि किसी भी थाने में बार-बार बदलाव उचित नहीं है। कई बार प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने तो कभी सुधार करने के कारण ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं। राकेशमोहन शुक्ल, सीएसपी- मंदसौर

ओपी तंतवार : 21 मई 2018 को पदभार ग्रहण किया था। तंतवार रतलाम के शिवगढ़ थाने से स्थानांतरित होकर आए थे। इन्हें 24 मई काे ही नईआबादी थाने भेज दिया गया।

कारण- थाने में आमद के साथ ही चाेरियां हुईं जो ना ट्रैस हुईं ना थमीं। इस बीच नए पद मंजूर हो गए जिससे इन्हें जाना पड़ा।

नरेंद्रसिंह यादव : 7 अगस्त काे ही थाने का पदभार संभाला। यादव रतलाम से स्थानांतरित होकर आए थे और कुछ दिन से पुलिस लाइन में पदस्थ थे।

कारण- इन्हें यहां लाने के पीछे सूचना-तंत्र मजबूत करना बताया जा रहा है। यादव यहां पांचवें टीआई के रूप में भेजे गए हैं।

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