पीजी कॉलेज रोड पर पुलिस की सख्ती, गेट पर खड़े ऑटो-टेम्पो पर कार्रवाई की
पीजी कॉलेज रोड पर नियमित अंतराल में हादसों के बाद पुलिस ने शुक्रवार से सख्ती शुरू कर दी। गेट पर खड़े ऑटो-टेम्पो पर कार्रवाई की। करीब 15 वाहनों की सूची भी बनाई। 2 साल में यहां दर्जनभर हादसे हो चुके हैं, जिसमें से कॉलेज विद्यार्थियों के अलावा स्थानीय स्टाफ तक के मामले रहे हैं। चूंकि इन दिनों विक्रम यूनिवर्सिटी की सेमेस्टर परीक्षा चल रही है, ऐसे में प्रति पारी में 800 से लेकर 1200 तक विद्यार्थी परीक्षा के बाद एक साथ बाहर निकलते हैं और बाहर अनियंत्रित ढंग से वाहन होने से दुर्घटना के आसार बन रहे थे। ऐसे में दल ने वाहन चालकों को चेताया।
कॉलेज से परीक्षा देने के बाद दो दिन पहले नीमच रोड की ओर जाने के लिए टर्न ले रही छात्रा एक रिक्शा से टकरा गई थी। छात्रा को मामूली चोट आई थी, वाहन चालक भाग निकला था। इससे पहले कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. चंद्रशीला गुप्ता तक अनियंत्रित यातायात के कारण टर्न लेते समय गिरने से घायल हुए थी। ऐसे मामले वायडी नगर थाने तक पहुंचे थे, जिसे लेकर दल ने जांच-अभियान भी चलाया और दस्तावेज जांचे थे। पिछले शिक्षण सत्र में भी एबीवीपी के विभाग मंत्री बंटी चौहान व सहयोगी एक्सीडेंटल 2 मामलों में घायलों को जिला अस्पताल ले गए थे।
शुक्रवार सुबह पीजी कॉलेज गेट के बाहर खड़े वाहनों पर कार्रवाई करते पुलिसकर्मी।
नियमित चैकिंग की जाएगी, जांच में भी आएगी तेजी
चूंकि परीक्षा अवधि में पीजी व गर्ल्स कॉलेज आमने-सामने होने से सुबह 7 से 10, सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक और दोपहर 3 से शाम 6 बजे की पारी के मद्देनजर पुलिस स्टाफ अब नियमित चैकिंग में लगेगा। वैसे अगले दिनों में जांच में और तेजी आएगी। दरअसल गृह मंत्रालय द्वारा 23 से 30 अप्रैल तक सड़क सुरक्षा सप्ताह आयोजन को लेकर जिला स्तर पर भी निर्देश जारी हुए हैं।
एएसआई को दिए चालानी कार्रवाई के अधिकार
सड़क सुरक्षा की दृष्टि से राज्य शासन ने नियमों में संशोधन करते हुए एएसआई स्तर तक के अधिकारी को चालानी कार्रवाई करने के अधिकार दे दिए हैं। गृहमंत्रालय स्तर से इस संबंध में आदेश जारी हो चुके हैं। जिलों का रोड सेफ्टी प्लान बनाए जाने को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। सड़क सुरक्षा अभियान को लेकर जनजागरूकता के प्रयास भी किए जाएंगे। ऐसे में जिले पांचों ब्लाॅकों में आने वाले थानों में एएसआई स्तर पर जांच, कार्रवाई होने से लोगों में ट्रैफिक सेंस को लेकर गंभीरता बढ़ेगी। इधर, ट्रैफिक विभाग के इंचार्ज विष्णु वास्कले का कहना है कि हेलमेट की अनिवार्यता का पालन कराने को लेकर भी नियमित जांच जारी है। एक्सीडेंटल मामलों में कमी के मकसद से जागरूकता को लेकर भी काम हो रहा है।