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आज से मंदसौर में तप और संयम महोत्सव की शुरुआत

3 वर्ष पहले
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कालाखेत मैदान में तप और संयम महोत्सव होगा। 16 अप्रैल से धार्मिक आयोजनों में आचार्य रामलालजी व 100 से ज्यादा साधु-साध्वियों का सान्निध्य मिलेगा। पहले दिन मंदसौर ग्रुप आइडल प्रतियोगिता में जैन महिला मंडल की 18 टीमें हिस्सा लेंगी। चौबीसी कार्यक्रम में इंदौर की मुमुक्षु सुरभि संघवी शामिल होंगी।

नगर के सुंदरम विहार स्थित गणेश वाटिका में 16 अप्रैल शाम 7 बजे से मंदसौर ग्रुप आइडल प्रतियोगिता होगी। नगर की 18 जैन महिला मंडल की टीमें भाग लेंगी। मुमुक्षु सुरभि की अनुमोदनार्थ चौबीसी गाएंगी। मंडल सचिव सरिता पटवा व पदाधिकारियों ने बताया श्रेष्ठ ग्रुप पुरस्कृत होंगे। इंदौर निवासी सुरभि सोमवार को नगर में आएंगी। रविवार को यहां धर्मसभा हुई।

एक नजर में तीन दिनी महोत्सव

16 अप्रैल : सुबह 7 बजे प्रार्थना। 9 बजे से आचार्यश्री के प्रवचन। शाम 7.30 बजे गणेश वाटिका सुंदरम विहार में दीक्षा के अनुमोदनार्थ भव्य चौबीसा स्पर्घा होगी। विषय ‘तप एवं दीक्षा’ है।

17 अप्रैल : दोपहर 1 बजे मुमुक्षु बहिन सुरभि संघवी का अभिनंदन समारोह ।

18 अप्रैल : कालाखेत मैदान पर विशाल पांडाल में सुबह 6.05 के बाद आचार्य रामलाल मसा मुमुक्षु सुरभि को दीक्षा ग्रहण कराएंगे। 100 वर्षीतप तपस्वियों का पारणा होगा। उपस्थितजन व सकल जैन समाज की गौतम प्रसादी होगी।

रोग का संबंध केवल शरीर से नहीं : रामलालजी

धर्मसभा में यह कहा रामलालजी ने

शरीर और आत्मा- रोग का संबंध शरीर से नहीं मन, चेतना से जुड़ा है। आत्मा ने जो अशुभ काम किए उनका प्रस्फुटन शरीर के माध्यम से हाेता है। कर्मबंधन आत्मा ने किए हैं तो भोग भी आत्मा को करना पड़ेगा।

मोह- मोह आसक्ति से पनपता है। आसक्ति जितनी बढ़ेगी मोह बढ़ेगा। दूध उबालते समय वह बाहर आ जाए तो 5 या 10 रुपए का नुकसान होता है, वैसे ही क्रोध उबाल लेकर बाहर आ जाए तो बेहिसाब नुकसान होगा।

नजर- जितनी भी पीड़ाएं है उसका कारण लगाव है। जब तक मन-मस्तिष्क में रहेगा कि ‘ये मेरा’ है तब तक दर्द होगा, दर्द से निवारण होना है तो नजर को बदलनी होगी कि यह मेरा नहीं है।

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