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बेटे ने घर से निकाला तो सामाजिक कार्यकर्ता ने बुजुर्ग को दिया सहारा

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़

माता-पिता की सेवा भगवान की सेवा के बराबर है, लेकिन वर्तमान में कुछ कलियुगी पुत्रों को यह बात समझ में नहीं आ रही है। ऐसे ही एक पुत्र ने बुढ़ापे में अपने पिता को घर से बेदखल कर दिया है और बुजुर्ग पिता अत्यंत कष्टप्रद जीवन काट रहा है। घायल अवस्था में उसे एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

80 वर्षीय बुजुर्ग महेंद्र चंद्र डे के पुत्र ने उसे घर से निकाल दिए जाने के बाद बहुत समय से अकेले कष्ट भरा जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इनका पुत्र सुभाष वार्ड क्र. 8 में निवास करता है। वहीं सुभाष वार्ड के दुर्गा पंडाल में उसके बुजुर्ग पिता गंदगी, अस्वस्थ्य और भूख से तड़पते हुए अपना कष्टप्रद जीवन काट रहे हैं। कमजोरी की वजह से वह कई बार चलते-चलते गिर जाते हंै जिससे हाथ-पैर में गंभीर चोट आ जाती हैं। बुधवार को गंभीर चोट की वजह से उन्हें इलाज के लिए सामाजिक कार्यकर्ता लाला लाजपत ने एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ लाकर भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि इलाज के बाद इन्हें वृद्धाश्रम ले जाया जाएगा जहां उनका देखभाल किया जाएगा। वृद्ध की इस हालत काे लेकर लोगों का कहना है कि हाईटेक जमाने में लोग आए दिन साेशल मीडिया पर मदर्स डे आैर फादर्स डे के पोस्ट डालकर वाहवाही लूटते हैं, लेकिन हकीकत में उनके माता पिता की इस हकीकत बता सकते हैं कि असल में घर में उनकी हालत किस तरह की है। फिलहाल सामाजिक कार्यकर्ता ने सराहनीय कार्य किया है। लाेगों को भी इस प्रकार के काम करने चाहिए।

अस्पताल में भर्ती वृद्ध।

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