भास्कर संवाददाता|मनेंद्रगढ़
शहर के सरकारी अस्पताल में कुत्ते के काटने के बाद जानलेवा बीमारी से बचाने वाला रैबीज इंजेक्शन खत्म हो गया है। जबकि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से लोगों पर हमले की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। रविवार को एक बच्चे को आवारा कुत्ते ने काट लिया। परिजन उसे मनेंद्रगढ़ सीएचसी ले गए। जहां पर बताया गया कि पिछले दो माह से रैबीज के इंजेक्शन ही नही हैं।
7 वर्षीय बालक अनमोल गर्मी की छुट्टियों में मनेंद्रगढ़ अपनी नानी के घर घूमने आया है। रविवार सुबह आवारा कुत्ते ने उसकी जांघ में बुरी तरह से काट लिया। कुत्ते के काटने के बाद बालक को टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया गया और घाव पर मलहम आदि लगाकर इसलिए उसका देशी इलाज कराया गया, क्योंकि पता चला कि सीएचसी मनेंद्रगढ़ में पिछले दो माह से एंटी रैबीज नहीं हंै। जन औषधि केंद्र में भी यह वैक्सीन नहीं मिल रही है और कई मेडिकल स्टोर में भी इनकी शार्टेज है। एक अन्य घटना में 15 मई को ब्लाॅक अंतर्गत ग्राम पंचायत कछौड़ के ग्राम शोकोबहरा निवासी अर्जुन सिंह का सात वर्षीय बेटा फलेंद्र साथियों के साथ घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक कुत्ते ने उसके चेहरे और शरीर के अन्य हिस्से को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बालक को किराए के वाहन से सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां रैबीज का इंजेक्शन नहीं था, इसके चलते उसे जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। बहरहाल एक ओर शहर में जहां डॉग बाइट के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है वहीं सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने की वजह से अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को बगैर इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
सीएमओ को पत्र लिखा है जल्द इंजेक्शन आ जाएंगे
डॉ. सुरेश तिवारी, बीएमओ सीएचसी मनेंद्रगढ़ ने बताया कि एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं होने से बड़ी समस्या है। दो माह से सप्लाई नहीं आई है जन औषधि केंद्र में भी नहीं मिल रहा है। जिला अस्पताल में भी नहीं है। वैक्सीन के लिए सीएमओ को लिख चुके हैं, सीजीएमएससी को फोन कर चुके हैं। जहां से स्मार्ट कार्ड से दवाइयां मिलती हैं उसे भी मंगाने के लिए कहा गया है। जल्द उपलब्ध होने की संभावना है।