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  • जब भी कोई व्यक्ति किसी गलत कार्य को करता है तो उसे आत्मा रोकती है : शास्त्री

जब भी कोई व्यक्ति किसी गलत कार्य को करता है तो उसे आत्मा रोकती है : शास्त्री

3 वर्ष पहले
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कस्बा स्थित अग्रवाल धर्मशाला में रविवार से भागवत कथा का आयोजन शुरू हुआ। कथा के आयोजन से पूर्व पोखरा मोहल्ला से मैन बाजार होते हुए अग्रवाल धर्मशाला तक कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा के दौरान लोगों ने जमकर फूल वर्षा की। श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन ही आचार्य पंडित पवन कुमार शास्त्री ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कथा के दौरान कहा कि सभी वस्तुएं नाशवान हैं।

आचार्य जी ने कहा कि इंसान को घमंड नहीं करना चाहिए। इंसान दुख आने पर परमात्मा को याद करता है। दया और दान से दीनता पर विजय प्राप्त की जा सकती है। इंसान को जीवन में दीनहीन बनकर रहने से अच्छा है कि वह प्राणियों के प्रति दया भाव रखे और यथाशक्ति दान देकर एक दूसरे की मदद करे। इस दौरान परीक्षत प्यारेलाल पाराशर व केशव देवी ने बताया कि कथा का आयोजन 27 मई तक किया जाएगा। 27 मई को भण्डारे का आयोजन होगा।

मनियां। महाराजपुरा गांव के पास स्थित बाबा कुंजगिरि समाधि स्थल पर सात दिवसीय विष्णु यज्ञ एवं रासलीला कार्यक्रम का रविवार को कलश यात्रा के साथ शुभारंभ किया गया। सुबह आठ बजे सदर थाने से कलश यात्रा शुरू होकर जीटी रोड होते हुए समाधि स्थल पर पहुंची। कलश यात्रा का कई जगह स्वागत किया गया। कलश यात्रा के समापन के बाद पंडित पवन महाराज के द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ विष्णु यज्ञ कराई गई। जिसमें भक्तों की ओर से आहुतियां दी गई। यज्ञ कार्यक्रम 12 बजे तक चलता रहा। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। समाधि स्थल के अलावा आस पास का माहौल भी भक्तिमय देखा गया। इस अवसर पर बाबा बलराम दास, शुक्ला बाबा मौजूद रहे।

मनियां. कलशयात्रा में शामिल लोग।

जिसने जन्म लिया है, उसे संसार से जाना ही होगा : शास्त्री

सैंपऊ | उपखंड क्षेत्र के गांव राजपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन आचार्य योगेश कृष्ण शास्त्री ने राजा परीक्षित और खुकदेव की कथा सुनाई। यहां पर यह समझाने का प्रयास किया गया कि संसार में जीवन मरण निश्चत है, जिसने जन्म लिया है, उसे एक दिन संसार से जाना ही होगा। उन्होंने कहा भागवत कथा सुनाते हुए शुकदेव को छह दिन बीत गए और सर्प के काटने से मृत्यु होने का एक दिन शेष रह गया, तब भी राजा का शोक और मृत्यु का भय कम नहीं हुआ। तब शुकदेवजी ने राजा को एक कथा सुनाई ‘राजन, एक राजा जंगल में शिकार खेलने गया और रास्ता भटक गया। रात्रि होने पर वह सिर छिपाने के लिए कोई आसरा ढूंढ़ने लगा। थोड़ी दूर चलने पर उसे एक झोपड़ी नजर आई। उसमें एक बीमार बहेलिया रहता था। उसने झोपड़ी में ही एक ओर मल-मूत्र त्याग ने का स्थान बना रखा था और अपने खाने के लिए जानवरों का मांस झोपड़ी की छत पर टांग रखा था। वह बहुत छोटी, दुर्गंधयुक्त झोपड़ी थी। उसे देखकर राजा पहले तो ठिठका, पर कोई और आश्रय न देख उसने विवशतावश बहेलिए से झोपड़ी में रातभर ठहरा लेने की प्रार्थना की।कथा समापन पर आयोजक राजेंद्र बघेल के द्वारा व्यासपीठ की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण कराया गया।

सिर्फ संत और महापुरुषों को ही श्री शब्द से संबाेधित करें

बाड़ी| संत श्री लोकेश आनंद जी महाराज द्वारा सत्यनारायण धर्मशाला में छठवें दिवस अपने प्रवचन में भक्तों से कहा कि हमें श्री शब्द किन लोगों के नाम के आगे लगाना चाहिए यह समझना बहुत जरूरी है । अमूमन हम हर व्यक्ति के नाम के आगे श्री शब्द लगाते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। श्री शब्द लक्ष्मी के लिए आता है अर्थात श्री उन्हीं लोगों के नाम के आगे लगाना चाहिए जो लक्ष्मी रूपी मोह, माया से परे हों। जिन्होंने लक्ष्मी को जीत लिया है और जो त्याग की मूर्ति हैं। ऐसा केवल हमें संत, महात्माओं एवं महापुरुषों में ही देखने को मिलता है। अतः श्री का प्रयोग हमें केवल संत महात्माओं एवं महापुरुषों के नाम के आगे लगाना चाहिए। बाकी लोगों के सम्मान में हम मान्यवर आदि सब लगा सकते हैं। उन्होंने अपने प्रवचनों में कहा कि व्यासपीठ पर केवल वैष्णव ब्राह्मण ही बैठने का अधिकारी होता है। उन्होंने बताया कि महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमद् भागवत राजा जनक के पास थी। थे।

बसेड़ी में सम्मानित हुईं प्रतिभाएं निकाली परशुराम शोभायात्रा

बसेड़ी | कस्बे के बाइपास पर स्थित सेंगर गार्डन में परशुराम सेवा समिति की ओर से परशुराम जयंती शोभायात्रा एवं प्रतिभा सम्मान समारोह किया गया। इस दौरान मुख्य वक्ता के रूप में ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष अमरीश पचौरी ने कहा कि अधिकारों के लिए समाज के लोगों को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। इसके अलावा सुरेश दीक्षित, दीनदयाल पाठक, अनुराग मुद्गल, प्रिंस हुंडावाल, सरपंच बबलू शर्मा, दाऊ दयाल शर्मा, दीनदयाल पाठक, ओम प्रकाश शर्मा सहित अनेक सम्मानीय अतिथियों ने विचार प्रकट किए। इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि समाज हमेशा संगठित था] संगठित है। बच्चे और बच्चियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के साथ.साथ उन्हें आत्मविश्वास के प्रति जागरुक करने का आह्वान किया। परशुराम सेवा समिति के संयोजक गिर्राज प्रसाद शर्मा एवं उनके सहयोगियों की ओर से सभी अतिथियों का माला व साफा बांधकर अभिनंदन किया। बाद में कस्बे के प्रमुख मार्गो पर होकर परशुराम शोभायात्रा बैंड बाजों के साथ बड़े धूमधाम के साथ निकाली गई।

51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ एवं भागवत

सैंपऊ |कस्बा रजौरा खुर्द में स्वर्ग आश्रम पर विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा की शुरुआत रविवार को हुई। विष्णु महायज्ञ के तहत कलश यात्रा पूजन अर्चन के साथ शुरू हुई। बैंड बाजों की मंगल ध्वनि पर कलश यात्रा ने पूरे नगर की परिक्रमा की। कन्याओं ने मंगल कलश धारण कर भक्ति गीत एवं भजनों की स्वर लहरिया बिखेरते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संत दामोदर दास महाराज के सानिध्य में 51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा का शुभारम्भ हुआ। संत दामोदर दास महाराज ने बताया कि सुबह 8 बजे से 51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ में श्रद्धालुओं के द्वारा हवन वेदी पर बैठ कर पूजा अर्चना की जा रही है। दोपहर 12 बजे कथा सुनने लोग उमड़ पड़े।

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