एक बाल्टी में बुझ जाती है पूरी आग मधुमक्खी का छत्ता भी सुरक्षित
ग्राम पंचायत सत्तावड़िया के ग्राम सथालिया में करीब एक माह से रहस्यमयी रूप से लग रही आग का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। गांव के 2 बाड़ों में आग लगने की सूचना ग्रामीणों ने मसूदा उपखंड अधिकारी सुरेश चावला, तहसीलदार हरिसिंह शेखावत, एएसआई मोतीलाल को दी। पुलिस ने गांव में चौपाल कर ग्रामीणों से सजग रहने की बात कही। रहस्यमयी आग के मामले की जांच करने पहुंचे अधिकारियों के आने से पहले रणमा के बाड़े में आग लग गई। अधिकारियों की बैठक के दौरान ग्राम के लादूलाल जैन के खेत में आग लग गई। वहीं अधिकारियों के मौके से रवाना होने के बाद ही प्रहलाद के बाड़े में आग लग गई जिससे बाड़े की लकड़ियां जलकर राख हो गई। ग्रामीण अाग लगने के अपने अपने स्तर पर कारण बता रहे हैं। सोमवार दोपहर में कल्ला के बाड़े में आग लगी थी। रात्रि में उसके घर में रखे कपड़े के बक्से में अचानक आग लग गई एवं कपड़े जल गए घर में पूजा की ताक के सामने लगाए पर्दे ने भी आग पकड़ ली। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को आग लगने के बावजूद बाड़ के बीच में लगा मधुमक्खियों का छत्ता सुरक्षित रह गया। सबसे बड़ी बात कि कितनी भी भीषण आग लगी हो, आधी या एक बाल्टी पानी डालने पर ही आग बुझ जाती है। आग के बीच में से गिलहरी जैसा नाजुक प्राणी निकल जाता है। सार्वजनिक बेरी जिसमें सोमवार को करीब 15 फुट पानी था, मंगलवार को 5 फीट पानी ही रह गया।
अतिक्रमण हटाने पर चर्चा : सथालिया में 1 महीने से लग रही रहस्यमयी आग से ग्रामीणो में भय है। हनुमान मंदिर, देवनारायण मंदिर, तेजाजी मंदिर एवं धर्म स्थानों के आसपास खाली भूमि एवं चरागाह पर ग्रामीणों द्वारा बंदरबांट कर अवैध रूप से बाड़े बनाकर कब्जा किया हुआ है। उसी को ग्रामीण देवताओं का प्रकोप मान रहे हैं। बैठक में उपखंड अधिकारी ने गांव में हो रखे अतिक्रमणों को स्वेच्छा से हटा लेने की समझाइश की। ग्रामीणों ने बताया कि 3 दिन में अतिक्रमण हटा लेंगे।
मसूदा. गांव में चौपाल पर ग्रामीणों से वार्ता करते अधिकारी।
मसूदा. ग्राम सथालिया में मंगलवार को लगी आग।