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ग्रामीणों ने की शिकायत -असामाजिक तत्व स्कूल की दीवारों पर लिखते हैं अभद्र भाषा

3 वर्ष पहले
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माइसरखाना का एक सरकारी प्राइमरी स्कूल असामाजिक तत्वों की गिरफ्त में है। दिन में यहां स्कूल लगता है और रात में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों की पार्टी जमती है। स्कूल स्टाफ सुबह स्कूल लगाने से पहले यहां साफ-सफाई करता है उसके बाद बच्चों की पढ़ाई होती है। हद तो तब हो गई जब स्कूल लगे होने के बावजूद दो व्यक्ति अपने कपड़े उतार कर पानी की टंकी में नहाने लग गए। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने स्कूल में पहुंचकर अध्यापकों से पूरी जानकारी ली और सर्च भी किया।

टीचर्स बोले...आए दिन इन्हें झेलना पड़ता है

स्कूल की टीचरों ने बताया कि यह एक-दो दिन का काम नहीं है आए दिन ही उन्हें ऐसी मुसीबतों को झेलना पड़ता है। सुबह जब स्कूल पहुंचती हैं तो पहले वे असामाजिक तत्वों के द्वारा फैलाई गई दारू की बोतलें और बेकार के सामानों की सफाई करती है। इस स्कूल में यह सब लगातार चलता आ रहा है। यह लोग स्कूल की दीवारों पर ऐसी अभद्र भाषा लिखते हैं जिससे देखकर टीचरों को एक दूसरे से फेस करना भी मुश्किल हो जाता है।

पानी की टंकी में घुस करते हैं चरस गांजा का नशा, पुलिस ने स्कूल में किया सर्च

ग्रामीणों की शिकायत पर स्कूल में सर्च करते हुए पुलिस

स्कूल संपत्ति को नुकसान पहुुंचाते हैं

सुबह-शाम और छुट्टी वाले दिन स्कूल नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। यहां हुड़दंगियों द्वारा खूब हल्ला मचाते हैं। स्कूल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया रहे हैं। न तो स्कूल की कमेटी ने इसकी परवाह की है और न ही ग्राम पंचायत व पुलिस प्रशासन ने कभी ध्यान दिया।

छुट्टी होते ही स्कूल परिसर बन जाता है नशेड़ियों का अड्डा

आलम यह है कि छुट्टी के बाद स्कूल प्रांगण में युवकों द्वारा क्रिकेट मैच खेला जाता है, जिससे स्कूल भवन की दीवारें तोड़कर मलबे से अपनी पिच बना ली है। इतना ही नहीं भांग, चरस नशे का सेवन भी स्कूल परिसर में खूब हो रहा है। शाम को छुट्टी होते ही स्कूल परिसर नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है। हालांकि स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया जाता है, लेकिन हुड़दंगी दीवार फांद या ताला तोड़कर स्कूल में प्रवेश कर जाते हैं। यदि स्कूल स्टाफ या लोगों द्वारा इसका विरोध किया जाता है तो नशेड़ी लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।

बिना चौकीदार से स्कूल की संपत्ति राम भरोसे

बिना चौकीदार से स्कूल की संपत्ति रामभरोसे ही है। स्कूल से गेहूं व अन्य सामग्री सामान चोरी होने संबंधी प्रबंधकों के 24 अक्टूबर 2016 व 29 जनवरी 2018 को गेहूं चोरी और 30 अक्टूबर को मोटर चोरी होने संबंधी पुलिस को शिकायत भी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह स्कूल नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों के लिए रात में एक सुरक्षित अड्डा बन जाता है।

स्कूल में लगी पानी की टूटी खोल ले जाते हैं नशेड़ी

अध्यापकों का कहना है कि स्कूल प्रांगण में लगी पानी की टूटी नशेड़ी खोल ले जाते हैं कई बार ऐसा हुआ है कि स्कूल प्रशासन नई टूटी लगवाता है दूसरे दिन ही टूटी गायब हो जाती है। इसलिए स्कूल के मुख्य अध्यापक ने स्कूल बंद करते समय टूटी को खोलकर कमरे के अंदर बंद कर देते हैं और दूसरे दिन स्कूल खुलने के बाद टूटी लगाई जाती है।

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