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डाटा में गलती रहने से तीन हजार लोगों काे नहीं मिल रही है पेंशन

3 वर्ष पहले
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जिले के तीन हजार लोगों को डाटा इंट्री में गलती के कारण पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी शत्रुंजय कुमार ने एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द डाटा में सुधार कर लिस्ट वापस करें। उन्होंने कहा कि जैसे ही डाटा में सुधार हो जाएगा, इन तीन हजार व्यक्तियों का पेमेंट मिलना शुरू हो जाएगा। ज्ञात हो कि जिले के करीब एक लाख 35 हजार लोगों को पेंशन राशि दी जाती है।

पेंशन के लिए अभी जिले के सैकड़ों लोग कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते परेशान हैं। 93 साल की देवमनिया कुंवर ने कहा कि ई उमरिया में दौड़ावत दौड़ावत प्राण ले लेलथी ए बाबू। जेहो खाए पिए ला ₹600 मिलत रहे पहीले, अब नईखे मिलत ए बाबू। देवमनिया का विधवा पेंशन पिछले एक साल से नहीं मिल रहा। वह लेस्लीगंज प्रखंड के रेवारातु गांव की रहने वाली है। उनका कहना है कि हमरा घर कोई नईखे। ना कोई बेटा हई। हम गांव के बेटी के लेके कचहरी आवा ही। आवे जावे में बहुते पैईसा खर्चा हो जा लई। तबो पेंशन ना मिले। इसी तरह बनखेता की सुशीला कुंवर को पिछले 1 साल से विधवा पेंशन नहीं मिल पा रही है, जिसे उसको खाने पीने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सदर निवासी कलावती देवी का जनवरी 2017 में विधवा पेंशन स्वीकृत हुआ था, परंतु मई, जून व जुलाई 2017 की पेंशन अभी तक नहीं मिल पाया है। इनका कहना है कि विभाग का चक्कर काटते काटते अब थक गए हैं। अब तो हम कार्यालय जाना भी छोड़ दिए हैं। पहाड़ी मुहल्ला के शबाना खातून का पेंशन पिछले 6 महीना से नहीं मिल पा रहा है। वहीं हमीदगंज निवासी शांति कुंवर को दिसंबर माह से पेंशन नहीं मिल पा रही है।

जनसुविधा केन्द्र में पेंशन के लिए खड़े पेंशनधारी।

नहीं मिल पाती है पेंशन की जानकारी

सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा दी जा रही पेंशन की जानकारी कहीं से नहीं मिल पाता है। दूर दराज से आने वाली महिलाएं अपना पासबुक व आधार कार्ड लेकर कचहरी का चक्कर कड़कड़ाती धूप में लगाती रहती है। फिर भी उसे कुछ पता नहीं चल पाता है। वह लोग घंटों जन सुविधा केंद्र पर लाइन लगाकर खड़े रहते हैं फिर भी उसे पता नहीं चल पाता है। अंत में निराश होकर अपने घर लौट जाती है। कचहरी आए महिलाओं का कहना है सब विभाग ऑनलाइन हो गया फिर भी पेंशन विभाग का कुछ पता ही नहीं चल पाता है।

600 रुपए मिलता है प्रति महीना पेंशन

सामाजिक सुरक्षा विभाग से वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, आदिम जनजाति पेंशन व दिव्यांग पेंशन मिलती है। सभी लोगों को ₹600 प्रति महीना के हिसाब से पेंशन दिया जाता है, सिर्फ वृद्धा पेंशन में जिस व्यक्ति की उम्र 80 वर्ष से ऊपर है उसे ₹700 महीना दी जाती है।

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