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पुष्कर की तर्ज पर कुण्डल का पूजन, दीपदान व महाआरती में उमड़ा जन सैलाब

3 वर्ष पहले
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मेड़ता सिटी. कुंडल सरोवर पर दीपदान के दौरान मौजूद शहरवासी।

मेड़ता सिटी के कुण्डल सरोवर पर सर्वसमाज की ओर से बुधवार शाम को दीपदान, रोशनी से जग-मग हुए सरोवर के पाल, जमकर हुई आतिशबाजी

भास्कर संवाददाता| मेड़ता सिटी

धार्मिक नगरी के रूप में देशभर में प्रसिद्ध मीरा नगरी मेड़ता में बुधवार शाम को हजारों शहरवासियों ने पुष्कर से आए पंडितों के सान्निध्य में पहले वैदिक मंत्रों के साथ पुष्कर सरोवर की तर्ज पर ऐतिहासिक कुण्डल सरोवर पर पूजन कर दुग्ध स्नान कराया और इसके बाद दीपदान कर सूने पड़े कुण्डल सरोवर को रोशनी से जगमग कर दिया। इस नजारे को देख हर कोई अभिभूत हो गया। ऐसा जान पड़ा मानो मेड़ता ने अक्षय तृतीया पर ही दीपावली मना ली हो। कुण्डल सरोवर के इस आयोजन को देखने मेड़ता शहर ही नहीं बल्कि आस पास के गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। शाम गहराने के बाद हुई महाआरती के दौरान तो कुण्डल सरोवर की सती माता घाट में तो तिल रखने की जगह नहीं मिली। हर कोई इस आयोजन का साक्षी बनने को उतावला नजर आया। ये कार्यक्रम पहली बार हुआ इसलिए शहरवासी सपरिवार इस अनूठे कार्यक्रम में शामिल हुए। सफाई अभियान के बाद अब कुंडल के सौन्दर्यकरण के लिए पौने 6 करोड़ रुपए की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है।

गाजे बाजे से निकली परिक्रमा यात्रा:

कुंडल सरोवर पर कुंडल सरोवर धाम सेवा समिति के नेतृत्व में बुधवार शाम साढ़े 5 बजे चारभुजा चौक से बैंड बाजों की स्वर-लहरियों के साथ कुण्डल सरोवर की परिक्रमा व दीपदान यात्रा निकाली गई। यह परिक्रमा यात्रा हलवाई गली, माणक चौक, सारड़ा बाजार, सेवगों का मोहल्ला होते हुए कुण्डल सरोवर पहुंची। जहां पूरी परिक्रमा कर यात्रा सती माता घाट क्षेत्र पहुंची। इसके बाद एसडीएम हीरालाल मीणा ने शहरवासियों को कुण्डल सरोवर की पवित्रता बनाए रखने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन विमलेश व्यास ने किया।

आतिशबाजी से सतरंगी हुआ आसमान

कुण्डल सरोवर में जमकर आतिशबाजी भी की गई। इस दौरान आसमान रंग बिरंगे पटाखों से सतरंगी हो गया। इधर दीपदान के दौरान हमेशा शाम होते ही अंधेरे की आगोश में खो जाने वाला कुण्डल सरोवर 5100 दीपकों से रोशन हो गया। सारे घाट जगमग उठे। इस रोशनी से सराबोर कुण्डल के इस दृश्य को मोबाइल में कैद करने के लिए युवक युवतियों में होड़ सी मच गई। यहां आयोजन को लेकर कलरफुल रंगीन फव्वारे भी लगाए गए जो आकर्षण का केन्द्र थे। इस दौरान भजनदास गहलोत, घनश्याम डालिया, अमित टाक, थानाधिकारी अमराराम बिश्नोई, धनपतमल सिंघवी, लालाराम नायक, माणक सेन सहित हजारों शहरवासी मौजूद थे।

मेड़ता सिटी. कुंडल सरोवर को पवित्र बनाए रखने की शपथ दिलाते एसडीएम।

कुण्डल सरोवर की महत्ता

दरअसल कुण्डल सरोवर मध्यकाल में मीरा बाई के दादा राव दूदा के जमाने से ही पवित्र है। किंवदंती के अनुसार मीरा बाई के चचेरे भाई राजा राव जयमल के शासनकाल में एक बार पड़ोसी राजा ने मेड़ता पर आक्रमण किया। मान्यता है कि उस समय जयमल जो भगवान चारभुजा की सेवा में मग्न थे ऐसे में भगवान चारभुजा ने खुद जयमल का स्वरूप धरकर युद्ध किया और विजयश्री हासिल की। उसी समय उनका कुण्डल युद्ध भूमि में गिर गया। जब जयमल ने मूर्ति के एक कान से कुण्डल गायब देखा उन्होंने चारभुजा के कुण्डल को खोजने के लिए युद्ध भूमि की खुदाई करवाई। इसलिए इस सरोवर का नाम कुण्डल सरोवर पड़ा।

विधि विधान से कराई पूजा

सरोवर की पूजा अर्चना पुष्कर सरोवर की तर्ज पर की गई। इसके लिए पुष्कर से विशेष रूप से पंडितों को आमंत्रित किया गया था। इन लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कुण्डल की पूजा अर्चना कराई। इस दौरान एसडीएम हीरालाल मीणा, चेयरमैन रूस्तम प्रिंस, ईओ श्रवण चौधरी, नेता प्रतिपक्ष छोटूलाल गहलोत, रामसुख मुंशी, नंदकुमार अग्रवाल, नवरतनमल सिंघवी, कैलाश सिंह गहलोत, मुकेश जोशी, शंकरलाल गहलोत सहित अनेक लोगों ने पूजा अर्चना में भाग लिया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता जगदीश नारायण शर्मा, गौतम टाक, सुनील सिखवाल, सीताराम खींची, डॉ. अशोक चौधरी भाजपा नेता माणक दरक, पुखराज टाक, वीरेंद्र वर्मा, राजीव पुरोहित, विमलेश, पार्षद महेन्द्र शर्मा, मधुसूदन, नवल नागर, पवन परताणी, पुष्पा दैया सहित ताराचंद कच्छावा, शौकत, रियाज शेख सहित बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए।

मेड़ताशहर. मीरा स्मारक में बुधवार को आयोजित धर्मसभा में मौजूद लोग।

शंकराचार्य निश्चलानंद पहुंचे मेड़ता, लोगों ने किया अभिनंदन

मेड़ता सिटी (आंचलिक)

जगन्नाथ पुरी मठ के जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद महाराज ने कहा कि रामकृष्ण के रूप में ईश्वर जगत बना सकता है, लेकिन जगत बन नहीं सकता है। शंकराचार्य बुधवार को यहां मीरा स्मारक में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परमात्मा निर्गुण व निराकार है। तत्व स्वरूप निर्गुण है, वेदांत अगर चाहे तो तसो बल एवं भगवान भक्ति के बल पर ईश्वर को प्रकट कर सकते हैं। इससे पूर्व मीरा स्मारक में नथमल बिड़ला, मोहनलाल फतेहपुरिया, जतनराज मेहता, पंडित नारायण कौशिक शर्मा, अखाराम अग्रवाल ने माला भेंट कर अभिनंदन किया। धर्मसभा में स्वामी निर्भिक सरस्वती, ब्रह्मचारी ऋषिकेश, प्रकट प्रकाश, पंडित रामकृपाल मिश्र, पंडित कैलाश, आदित्य, सुरेश ब्रह्मचारी, प्रेमचंद झा, राधेश्याम जैथलिया, देवाराम, सम्पतराज बिड़ला, राजेंद्र पारीक, माणकचंद शर्मा, रामेश्वरलाल शर्मा, राजेंद्र जोशी, हेमाराम बेड़ा, जगदीशनारायण शर्मा, कृष्णगोपाल गौड़, महेशचंद्र आर्य, कैलाश बिंदल, दामोदर रूणवाल, वीरेंद्र वर्मा, पूर्व पालिका अध्यक्ष सरिता टाक, राजीव पुरोहित, ताराचंद मारोठिया, अशोक राठी, सत्यनारायण लाहोटी, पन्नालाल आचार्य, चेतन सोनी, मूलचंद शर्मा, प्रेमराज अरोडा सहित अनेक लोग मौजूद थे। आयोजन समिति के श्यामसुन्दर ने बताया कि गुरुवार सुबह मीरा स्मारक में शंकराचार्य महाराज प्रवचन करेंगे। मीरा स्मारक में बुधवार को आयोजित धर्मसभा में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जतनराज मेहता ने स्वयं रचित पुस्तक अंतर की ओर महाराज को भेंट की।

मेड़ता रोड| मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर गोवर्धन पीठ जगन्नाथपुरी के पीठाधीश्वर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज का स्वागत किया गया। इस अवसर पर कमल शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, उपसरपंच मनीष, रतनलाल, पवन, श्याम, नटवर आदि मौजूद थे।

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