सत्संग में संत बोले- ज्ञान योग से मिटता है मनुष्य का अहंकार
मेड़ता सिटी. प्रवचन करते संत पांचाराम महाराज एवं मौजूद श्रद्धालु।
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी आंचलिक
डांगावास गांव में रविवार रात्री को सत्संग व प्रवचन का आयोजन किया गया। प्रवचन में दरियावजी खेजड़ा के संत पाचाराम महाराज ने कहा कि मनुष्य में कल्याण की चाहत है तो उसको किसी समर्थ सद्गुरु की शरण में जाना चाहिए। ज्ञान योग से आत्मा और परमात्मा के बारे में जानकारी मिलती है। फिर आत्मा के प्रति ध्यान लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन मिलने के बाद हमेशा श्रेष्ठ करनी को प्राथमिकता देनी चाहिए। जीवन में कभी क्रोध, निंदा एवं अंहकार का भाव नहीं लाना चाहिए। इससे जीवन मलीन होता है। कर्म योग ममता को एवं ज्ञानयोग अंहकार को मिटाना है। उन्होंने समाज को नशा मुक्त बनाने पर बल दिया। इस मौके पर रमताराम महाराज, भरतदास महाराज, भीखाराम अजनबी, रामनारायण मूवाल, शिवजीराम डागा, रामरतन मूवाल, चेनाराम मूंडेल, रामाकिशन डागा, हुकमीराम गटेला, नाथूराम घांची, शिवराज भाटी, अंबालाल घांची, छोटूराम पंवार, राजवीर डागा सहित श्रद्धालु मौजूद थे।