कुंडल सरोवर पर दीपदान 18 को, रोशनी से सजेंगी इमारतें
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी
मेड़ता नगर स्थापना दिवस के मौके पर अक्षय तृतीया को जहां कुण्डल सरोवर पर शंकराचार्य निश्चलानंद महाराज के सानिध्य में शहर के सर्वसमाज की ओर से दीपदान व महाआरती होगी वहीं शहर की प्रमुख इमारतों को रोशनी से नहाया जाएगा। इसको लेकर सोमवार शाम को मीरा स्मारक में एसडीएम हीरालाल मीणा की अध्यक्षता में सर्वसमाज की बैठक हुई। जिसमें 18 अप्रैल की शाम को कुण्डल सरोवर पर होने वाली महाआरती व दीपदान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। एडवोकेट विमलेश व्यास के आग्रह पर एसडीएम मीणा ने मीरा मंदिर, मीरा स्मारक, नगरपालिका व उपखण्ड कार्यालय सहित शहर की प्रमुख सार्वजनिक इमारतों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाने के निर्देश दिए। 18 अप्रैल की शाम 5 बजे सर्वसमाज के महिला पुरुष चारभुजा चौक में एकत्रित होंगे। फिर गाजे बाजे के साथ दीपदान यात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर कुमारपाल गौतम सहित सभी प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहेंगे। बैठक में कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष नंदकुमार अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष माणक दरक, अभिनव राजस्थान के संयोजक डॉ. अशोक चौधरी, भाजपा नेता नवरतनमल सिंघवी, पालिकाध्यक्ष रूस्तम प्रिंस, नेता प्रतिपक्ष छोटूलाल, वीरेंद्र वर्मा, पुखराज, मुकेश, नवरतनमल, हारून, राजीव पुरोहित, विमलेश, शौकत, अमित, कैलाश, ताराचंद, दिनेश, शंकर आदि मौजूद थे।
एसडीएम मीणा की अध्यक्षता में हुई सर्व समाज की बैठक, अक्षत तृतीया को सरोवर पर होंगे विभिन्न आयोजन
प्रशासन व शहरवासियों की मेहनत लाई रंग, अब फिर लौटेगा स्वरूप, 18 को दीपदान, आतिशबाजी भी होगी
भगवान चारभुजा नाथ के कुण्डल को खोजने के लिए मध्यकाल में खोदा गया ऐतिहासिक कुण्डल सरोवर एक जमाने में पूरे शहर के लिए पवित्र तालाब था। लेकिन धीर-धीरे देखरेख के अभाव में यह तालाब करीब दो दशकों से गंदे पानी का तालाब बनकर रह गया था। गत दिनों दैनिक भास्कर के एक कार्यक्रम में शिरकत करने मेड़ता आए जिला कलेक्टर कुमारपाल गौतम के समक्ष जब शहरवासियों ने कुण्डल सरोवर की पीड़ा और इतिहास बताने पर कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया। शाम ढलने के बाद कलेक्टर कुण्डल सरोवर की पाल पर पहुंचे और एसडीएम को यहां सफाई अभियान चलाकर इसका सौन्दर्यकरण पुन: वापस लाने के निर्देश दिए। निर्देश की पालना में एसडीएम हीरालाल मीणा ने सर्वसमाज की बैठक बुलाई और सर्वसम्मति से यहां सफाई अभियान शुरू कराया। पहले चरण में तालाब से झाड़िया काटी गई। दूसरे चरण में इसके गंदे पानी की निकासी की गई। आखिरकार शहरवासियों की मेहनत रंग लाई और दूसरे चरण में महज 15 दिन में सरोवर का गंदा पानी पूरा खाली कर दिया गया। इस दौरान नगर स्थापना दिवस भी मनाया जाएगा। शहरवासी दीपदान के तुरंत बाद कुण्डल की पाळ पर सती माता मंदिर के आगे आतिशबाजी करेंगे। इस आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।