भास्कर संवाददाता | मेड़ता रोड
मेड़ता रोड-बीकानेर रेलमार्ग मध्य देशवाल हॉल्ट स्टेशन पर रेल प्रशासन द्वारा रेल टिकट की बिक्री के लिए 11 माह बाद भी किसी को अधिकृत नहीं किया गया है। इस कारण आज भी ट्रेन रुकने पर ट्रेन का गार्ड ही टिकट काटता है। रेलवे की शिथिलता यात्रियों पर भारी पड़ रही है। वहीं ट्रेन को भी देरी का सामना करना पड़ रहा है। मेड़ता रोड-बीकानेर रेलमार्ग मध्य देशवाल स्टेशन पर ट्रेन संख्या 54703-54704 जोधपुर-अबोहर, ट्रेन संख्या 59705-59706 जयपुर-सूरतगढ़ अप डाउन ट्रेन पहुंचने पर यात्रीगण ट्रेन के सबसे पीछे लगने वाले गार्ड कोच के पास जाते हैं और गार्ड से गंतव्य स्टेशन का टिकट लेकर यात्रा शुरू करते हैं। मेड़ता रोड से बीकानेर जाते समय छापरी स्टेशन मास्टर गार्ड को टिकट देता है। और वह देशवाल में टिकट बेचकर शेष टिकट व राशि खजवाना स्टेशन मास्टर को देता है। तथा बीकानेर से मेड़ता रोड की ओर खजवाना स्टेशन मास्टर गार्ड को टिकट देता है। गार्ड देशवाल में टिकट वितरण करता है और राशि व शेष टिकट छापरी स्टेशन मास्टर को देता है। ऐसे में ट्रेन को भी अतिरिक्त देरी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यह रही रेलवे की शिथिलता
जानकारी के अुनसार, देशवाल रेलवे स्टेशन पर टिकट देने के लिए रेलवे का अधिकृत ठेकेदार शेषकरण सिंह की मृत्यु हो गई थी। इस दौरान रेल प्रशासन की ओर से चार महीने तक किसी व्यक्ति को देशवाल रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों को टिकट देने के लिए अधिकृत नहीं किया गया। इसके बाद रेलवे की ओर से 10 अक्टूबर 2017 को ट्रेन के गार्ड के द्वारा यात्रियों को टिकट देने की व्यवस्था शुरू की गई है। जो अब यात्रियों, रेलवे और रेलकर्मियों के लिए भी परेशानी का सबब बनती जा रही है। ग्रामीणों ने इस संबंध में रेलमंत्री सहित आला अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर शीघ्र ही देशवाल रेलवे स्टेशन पर टिकट बाबू लगाने की मांग की। इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक से भी मुलाकात की थी। तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि शीघ्र ही कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाकर किसी को टिकट देने के लिए अधिकृत कर दिया जाएगा। मगर आज तक इस संबंध में कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस संबंध में रेल प्रशासन के द्वारा किसी को अधिकृत करने के लिए टेंडर भी जारी किया गया। इसकी अंतिम तारीख 6 अप्रैल 2018 तय की गई थी। जो डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद भी प्रक्रिया में है।