भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी (आंचलिक)
संत महामण्डलेश्वर देवऋषि महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है। संसार में मानव मात्र का कल्याण श्रीमद् भागवत के श्रवण से संभव है। महाराज शनिवार को यहां सोजती गेट स्थित माली समाज के पंचायत भवन में श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में समय का दौरा आपाधापी का है। जिससे मनुष्य को आध्यात्मिक अध्ययन के लिए समय निकाला मुश्किल है। इसलिए जहां भी इस प्रकार की संतों के मुखारबिंद से कथा का वाचन होता है तो सुनना लिए समय निकालना चाहिए। महाराज ने एक प्रसंग में कहा कि देवताओं के संकट के समय भगवान स्वयं ने वामन अवतार धारण कर देवताओं के दु:ख को दूर किया। इस अवसर पर महाराज ने भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के अवतार का विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ता है, तो भगवान स्वयं अवतार लेकर राक्षसों का वध करते है। इस मौके पर मोहनलाल पालड़िया की ओर से कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी सजाई गई। इस दौरान गणेशराम महाराज सातलावास की ओर से भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर मेड़ता माली समाज अध्यक्ष बादरराम सांखला, चेन करण गहलोत, रामस्वरूप गहलोत, गंगाराम, रामकिशोर सैनी, भारत चौहान, शिवराज चौहान, तारा चन्द कच्छावा, तारा चन्द, मोतीलाल पालड़िया, ताराचंद कच्छावा, लूणाराम सांखला, छोटूराम पालड़िया सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद थे।
धर्म
महाराज बोले- भगवान धन के नहीं भक्तों के प्रेम के भूखे हैं
गंठिया/दधवाड़ा। कस्बे के निकटवर्ती गांव लाम्बा जाटान स्थित संत श्री सेवादास महाराज गौशाला में शनिवार को पंडित अशोक महाराज दाधीच ने संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा की शुरूआत श्री ठाकुर जी के मंदिर से शोभायात्रा व कलशयात्रा के साथ हुई। कलशयात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इसमें 251 महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर बैण्ड-बाजे के साथ रवाना हुई। कलशयात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प-वर्षा करके स्वागत किया। कलशयात्रा मुख्य मार्गों से होते हुई कथा स्थल पहुंची। महाराज ने कहा कि भगवान भक्तों के प्रेम के भूखे होते हैं। मनुष्य जन्म में जब भी भागवत कथा सुनने का अवसर मिले तो श्रद्धालुओं को उसका लाभ उठाना चाहिए। प्रात: काल सोकर उठते ही सर्वप्रथम भगवान का स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान दान के भूखे नहीं है और वह तो मात्र भाव के भूखे हैं।