भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी आंचलिक
माली समाज मेड़ता पंचायत भवन में शुक्रवार को तीसरे दिन श्रीमद भागवत कथा में कथा वाचक संत देवऋषि ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा सुनाने और सुनने पर मनुष्य का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि मोक्ष प्राप्ति का द्वार ही मानव जीवन है। जो हमें परमात्मा मिलन की ओर सत्कर्म करने के लिए देते है। मानव जीवन मिलने के बाद ईश्वर की भक्ति करते रहना चाहिए। ये तभी सम्भव होगा जब सांसारिक मोह माया को छोड़कर प्रभु की शरण में जाएगे। इस मौके पर माली समाज अध्यक्ष बादरराम सांखला, चेनकरण गहलोत, सोहन, रामस्वरूप गहलोत, छगनलाल सांखला, गंगाराम, भारत चौहान, शिवराज चौहान, ताराचंद कच्छावा, ताराचंद मारोठिया, मोतीलाल पालड़िया, छोटूराम पालड़िया, रामरतन गहलोत, पाचाराम घांची, कुन्नाराम भाटी, मोहन लाल भाटी, राजेन्द्र सांखला, पन्नालाल सांखला, छोटाराम घांची, कानाराम, रुपाराम, प्रहलाद राम घांची, गुदडऱाम सहित श्रद्धालु मौजूद थे।
भगवान को सिर्फ विश्वास के बल से जाना जा सकता है
मेड़ता सिटी (आंचलिक)| जगद्गुरु कृपालु महाराज की प्रचारिका जगदीश्वरी ने पारीक संस्कृत पाठशाला में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम मेंं शुक्रवार को प्रवचन करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन मिला है तो इसे ऐसे ही व्यतीत नहीं करना चाहिए। भगवान ने हमें पंचभूत का जीवन दिया है। परन्तु हम इस संसार का उपयोग करने के स्थान पर इसमें आशक्त होकर विषय भोग करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि सभी संतों ने मानव देह की प्रशंसा की है। क्योंकि मनुष्य भक्ति करके चौरासी लाख बंधनों से मुक्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान को केवल विश्वास से ही जाना जा सकता है। जैसे करमाबाई, जनाबाई, धन्ना जाट आदि ने विश्वास के बल ही भगवान को भोजन कराया। उन्होंने मीरा बाई के प्रसंग भी सुनाए।