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मेड़ता क्षेत्र के 210 गांवों सहित पाली-जोधपुर जिले की सीमा तक अाग पर काबू पाने के लिए 1 फायर ब्रिगेड, दूसरी 2 साल से खराब

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

मेड़ता उपखंड क्षेत्र के साथ ही जिले के बाडी घाटी से कुचेरा व डेगाना तथा पाली जिले के कुड़की गांव तक की सीमा में आग लगने पर काबू पाने के लिए पहुंचने वाली मेड़तासिटी नगर पालिका के पास तीन फायर ब्रिगेड गाड़ियां हैं। लेकिन इनमें से 6 हजार लीटर पानी की क्षमता वाली फायर ब्रिगेड 2 साल से जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते खटारा पड़ी है। वहीं फायर मैन के 9 में 7 पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में जहां आगजनी की बड़ी घटना होने का अंदेशा बना रहता है वहीं रिक्त पदों के चलते कार्यरत कार्मिकों स्टाफ कम होने के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पालिका के पास एक 8 हजार लीटर की क्षमता वाली और एक छोटी 450 लीटर पानी की क्षमता वाली फायर ब्रिगेड है। लेकिन ऐसे में यदि दो स्थानों पर एक साथ आग लग जाए तो एेसी स्थिति में आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि 450 लीटर पानी की क्षमता वाली फायर ब्रिगेड का पानी जल्द खत्म हो जाता है। यदि समय रहते पालिका द्वारा खटारा पड़ी फायर ब्रिगेड को ठीक नहीं करवाया तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लेकिन इसके बावजूद नगरपालिका प्रशासन की ओर से दमकल मरम्मत को लेकर उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पालिका नहीं करवा रही खराब दमकल की मरम्मत, बाजारों में आग लगने पर हो सकता है बड़ा हादसा

मेड़ता सिटी. खस्ता हाल दमकल।

डेढ़ महीने में हुई आगजनी की 36 घटनाएं

तंग गलियों में लगी आग तो काबू पाना हो जाएंगा मुश्किल

मेड़ता नगरपालिका के पास अभी 2 फायर ब्रिगेड गाड़ी हैं। इनमें से एक 8 हजार लीटर क्षमता की बड़ी गाड़ी है। यह गाड़ी बड़ी होने के कारण गांवों व शहर के आबादी क्षेत्र की तंग गलियों व बाजारों में नहीं पहुंच पाती है। जबकि 450 लीटर क्षमता वाली गाड़ी का पानी जल्द खत्म हो जाता है। इस दौरान बड़ी समस्या हो जाती है।

मेड़ता क्षेत्र में गत डेढ़ माह में आगजनी की 36 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें अप्रैल माह में 30 और मई में अभी तक 6 आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें से कही पर ग्रामीणों ने आपसी सूझबूझ से आग पर काबू पा लिया तो कहीं पर पालिका की दमकल ने आग बुझाई। लेकिन गनीमत ये रही कि एक साथ दो स्थानों पर आग नहीं लगी। नहीं तो ऐसे में बड़ी घटना हो सकती थी। गौरतलब है कि मेड़ता की फायर ब्रिगेड मेड़ता शहर सहित उपखंड के क्षेत्र के 210 गांवों के साथ-साथ डेगाना व रियांबड़ी तथा पाली व जोधपुर जिले की सीमा पर बसे गांवों को भी कवर करती है। यहां की दमकलें अजमेर जिले की सीमा से सटे बाडी घाटी से थांवला, पादूकलां, कुचेरा, खजवाना, जसनगर के साथ ही पाली जिले के कुड़की गांव तथा जोधपुर के खारिया खंगार गांव तक सेवा देती है।

फायरमैन के 9 पद स्वीकृत, 7 खाली

इतने बड़े क्षेत्र को कवर करने वाली मेड़ता पालिका के पास न सिर्फ फायर ब्रिगेड की कमी है बल्कि स्टाफ के पद भी रिक्त पड़े हैं। मेड़ता पालिका में फायरमैन के 9 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 7 पद रिक्त हैं। इसके साथ ही लीडिंग फायर मैन के स्वीकृत दोनों पद रिक्त हैं। फायर स्टेशन पर तीन शिफ्ट में कार्मिकों को तैनात किया जाता है। मगर यहां रिक्त पदों के चलते कार्यरत कार्मिकों को रात व दिन की ड्यूटी करनी पड़ रही है। जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मेड़ता सिटी. शहर सामुदायिक भवन में खड़ी खस्ताहाल दमकल।

नई दमकल की मांग की गई है, खराब को भी सही कराएंगे

हां, यह सही है कि दमकल लंबे समय से खराब पड़ी है। बड़ा क्षेत्र कवर करने के चलते शहर में एक और नई दमकल की मांग की गई है। साथ ही खराब पड़ी दमकल को भी जल्द ठीक कराया जाएगा। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द दमकल सही हो। श्रवणराम चौधरी, ईओ, मेड़ता सिटी।

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