रेण में अरोड़ा (खत्री) समाज 21 से 27 मई तक करवाएगा भागवत कथा का वाचन
भास्कर संवाददाता| मेड़ता सिटी (आंचलिक)
पारीक पाठशाला में प्रवचन करते हुए कथा वाचिका जगदीश्वरी ने कहा कि वनवास के दौरान भगवान राम, सीता व लक्ष्मण सहित चित्रकूट पहुंचे तो समस्त देवतागण दर्शन के लिए आए व कृतार्थ होकर अपने-अपने निवास स्थान को गए। प्रभु आगमन की बात जब भीलों को मिला तो कुटुम्ब सहित कंद-मूल फल आदि की भेंट लेकर भगवान के पास आए और बड़े प्रेम से विनती करने लगे कि हम भीलों को अपनी सेवा में रख लें। भगवान उनके प्रेम से अत्यंत प्रसन्न थे। यह कार्य मानव देह से ही संभव है। उन्होंने कहा कि संत लोग बार-बार हमारे बीच में इसलिए आते हैं कि ज्ञान, अध्यात्म के माध्यम से मानव मात्र का कल्याण किया जा सके। संतों की शरण में जाने वाला व्यक्ति जीवन मे कभी दुखी नहीं हो सकता है। संत भक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
रेण| रामसागर तालाब रोड पर 21 से 27 मई तक संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के पोस्टर का विमोचन दूरसंचार विभाग एसोसिएशन के अध्यक्ष व समाज सेवी प्रेमराज अरोड़ा, पूर्व फौजी शिव प्रसाद सैन, दुर्गाप्रसाद सोनी, रेण विकास समिति अध्यक्ष मोहन सिंह राजपुरोहित, वार्ड पंच भरत शर्मा ने किया। अरोड़ा ने बताया कि सभी अरोड़ा (खत्री) समाज द्वारा आयोजित भागवत कथा 21 से 27 मई तक रामसागर तालाब पर कथावाचक संत हरिराम शास्त्री द्वारा दोपहर 12:30 से 4:30 बजे तक होगी।
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