चित्तरंजन/मिहिजाम|महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई तरह के कार्यक्रम एवं कानून बनायी गयी। लेकिन रेलवे के अधिकारी महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। कुछ ऐसा ही मामले का खुलासा रेलवे में किया गया है। रेल में सफर के दौरान महिला बोगियों में 80 पुरुष यात्रा सफर करते हैं। लेकिन महिला बोगी से आरपीएफ या जीआरपीफ नदारद रहते हैं। सामाजिक संस्था सोशल केयर फांउडेशन ने रेलवे को कई बार साक्ष्य के साथ रेलवे को सूचना दी है। संस्था के संस्थापक दीपक देव ने कहा कि चित्तरंजन से लेकर जसीडीह स्टेशन तक महिला बोगियों में मनचलों का जमावड़ा रहता है। सुरक्षा बलों की तैनाती जरूरी है।