जिले में परिवहन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है, लेकिन प्रशासन को कोई मतलब नहीं रहता। लोग अपने कार्य को समय पर निपटारे के लिए अपनी जान को भी जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश है। बस और पैसेंजर गाड़ियों में ओवरलोडिंग कर यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है। बस और पैसेंजर गाडि़यों में ओवरलोडिंग कर यातायात नियमों को अनदेखा किया जा रहा है। मिहिजाम और जामताड़ा प्रशासन पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है। जिस तरह से हाईवे 419 पर दिन दहाड़े बड़ी बस एवं छोटी पैसेंजर गाडि़यों की छतों पर लोगों की जान जोखिम में डाल कर यातायात कराई जाती है। ये बहुत ही भयावह है। प्रशासन के नाक के नीचे से इस तरह यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। ये नजारा लगभग सभी वाहनों का है। इतना ही नहीं, इन वाहनों की रफ्तार में निर्धारित निम्न गति सीमा 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दोगुने रफ्तार से गाडि़यां दौड़ा लगा रही है। कई बार इन कारणों से दर्दनाक दुर्घटनाएं हो चुकी है। कई जानें भी गयी है। लेकिन न यात्री बाज आते हैं और न इन गाडि़यों के मालिक और ना ही पुलिस प्रशासन की नींद खुली है। सामाजिक संस्था सोशल केयर फाउंडेशन ने कहा है कि प्रशासन ये सबकुछ देख कर भी आंख बंद करके रहती है। प्रशासन द्वारा आज तक किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं गयी है।