मासूमों के हत्यारों के लिए मांगी फांसी कैंडल मार्च निकालकर जताया विरोध
रामगंजमंडी| कठुआ और सासाराम में मासूमों के साथ ज्यादती और हत्या के विरोध में सोमवार रात को शहर में कैंडल मार्च निकाला गया ओर आरोपियों फांसी की सजा देने की मांग की गई। शहर में बड़ी संख्या में युवा और शहरवासी रात को बाजार नंबर चार स्थित जामा मस्जिद पर एकत्रित हुए। यहां से कैंडल मार्च प्रारंभ हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ बाजार नंबर दो स्थित थाने पहुंचा। यहां पर सीआई मनोजसिंह सिकरवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें दोनों मामलों में मासूमों के साथ ज्यादती व हत्या के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की गई। कैंडल मार्च में शहरवासी मासूमों को न्याय के लिए तख्तियां लेकर चल रहे थे। इसमें बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। कैंडल मार्च थाने पर ज्ञापन देने के बाद वापस मस्जिद पहुंचकर संपन्न हुआ।
मोड़क स्टेशन| कस्बे में दो मासूम बच्चियों आसिफा के कातिलों को फांसी की सज़ा दिलवाने की मांग करते हुए कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च मदरसे से शुरू हुआ, जो मुख्य मार्गों से होता हुआ अस्पताल के सामने होता हुआ निकाला गया। बड़ी संख्या में बच्चे भी कैंडल मार्च में शामिल हुए। इस अवसर पर राहिल, आसिफ, अयाज़, रेहान, अदनान, रिहान सहित बड़ी संख्या में बच्चे व युवा शामिल थे।
रामगंजमंडी. मासूमों से ज्यादती के विरोध में निकाले गए कैंडल मार्च में शामिल शहर के युवा।
रावतभाटा. शहर में कैडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन करती कॉलेज की छात्राएं।
कॉलेज की छात्राओं, युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च
रावतभाटा| देश में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे हिंसक यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं एवं युवाओं के द्वारा दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं के समर्थन में और मारी गई बालिकाओं, महिलाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए मंगलवार को रावतभाटा कॉलेज की छात्राओं के साथ युवाओं, अन्य समाज के लोगों ने जुलूस निकाला। मौन जुलूस शाम को कोटा बेरियर से प्रारंभ हुआ। जो मुख्य मार्ग से चेतक मार्केट, सिनेमा चौराहा होते हुए अंबेडकर सर्किल फेज टू तक निकाला गया। मौन जुलूस में महिलाएं, युवा हाथाें में तख्तिया लेकर चल रहे थे। मौन जुलूस उन्नाव, कठुआ, सूरत की घटनाओं के विरोध में निकाला गया। फेज टू में मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर महाराणा प्रताप कॉलेज की छात्राएं, मुस्लिम युवा कमेटी, धर्मध्वजा, मुस्लिम महासभा, महिला संगठनों, दानिश पठान, ईशाक गौरी, पंडित ताराचंद, रफीक मंसूरी, फिजाखान, शंकर बुनकर, कुशाल बारेशा, संजय चेडवाल, मोहसीन अंसारी, ज्योति पारेता, अकीलखान, दीपचंद डांगी, तोसीफखान, शाहिदाशेख सहित अन्य लोग शामिल थे।