गत 8 महीने से नगर निगम के विकास कार्याें का टेंडर नहीं लग सके हैं। इसके रोष में एंटी करप्शन अवेयरनेस संगठन ने नगर निगम अधिकारियों को 15 दिनों में विकास कार्य शुरू ना कराने पर बूट पाॅलिश कर संघर्ष शुरू करने की चेतावनी दी है। एसीएओ के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह सचदेवा का दावा है कि गत 8 महीने से कोई टेंडर नहीं लगने के कारण 253 विकास के कार्य रूके पड़े हैं। शहर निवासी त्रस्त हैं। 35 करोड़ का बजट होने के बावजूद राजनीति के चलते टेंडरों का काम लंबित है। वहीं मंगलवार को नगर निगम के कमिश्नर ने अधिकारियों से मीटिंग कर शुक्रवार से टेंडर जारी करने की जो बात कही है, तकनीकी तौर पर वो भी गलत है। क्योंकि आॅनलाइन टेंडर डालने की प्रकिया में एक दिन में 15 से 20 टेंडर ही लग पाएंगे। 253 पुराने और 50 नए कार्यों के टेंडर लगने में बहुत समय निकल जाएगा। नगर निगम के कमिश्नर जगविंदर सिंह ग्रेवाल ने दावा किया है कि टेंडर पहले से ही लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को टेंडर लगाए जाना शुरू होगा, यह बात गलत है। इधर, सिविल ब्रांच में स्टाफ की कमी होने के बावजूद आज एक जेई का तबादला कर दिया गया।
टेंडर लगाने का काम शुरू होता है तो वह इसका स्वागत करेंगे : पार्षद मनजीत
निर्दलीय पार्षद मनजीत मान का कहना है कि अगर टेंडर लगाने का काम शुरू होता है तो वह इसका स्वागत करेंगे परंतु उन्हेंे यकीन नहीं होता कि ऐसा हो पाएगा और मोगा के लोगों को इंसाफ मिल पाएगा।
मंगलवार को निगम कमिश्नर और मेयर की अध्यक्षता में अधिकारियों की हुई मीटिंग में शुक्रवार को टेंडर डालने का लिया था निर्णय
पार्षदों की गुटबंदी बनी शहर के विकास में बाधा
नगर निगम में शहर के विकास कार्य के लिए अंतिम बार 31 अगस्त 2017 को जनरल हाउस की बैठक में 50 से ज्यादा विकास कार्य पारित किए गए जबकि पहले से हीं 253 के करीब विकास कार्यों टेंंडर लगाने का काम लंबित है। इसका कारण पार्षदों की गुटबंदी और अब सरकार बदलने के चलते राजनीतिक खेल बताया जा रहा है। पहले भी जब अकाली-भाजपा की सरकार थी तब निगम आपसी गुटबंदी के चलते कोई काम नहीं करवा सकी और अब राज्य में कांग्रेस सरकार आने के बाद भी वहीं हाल है।
एसीएओ संस्था आज बूट पॉलिश मुहिम चलाएगी
एंटी करप्शन अवेयरनैस ऑर्गेनाइजेशन पंजाब व सोहना मोगा सोसायटी ने राजनीतिक शह पर विकास कार्यों में अड़चन डालने वाले अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 18 मई को नगर निगम के गेट के आगे शहर की सड़कों की मरम्मत के लिए बूट पॉलिश मुहिम चलाकर चंदा इकट्ठा करने का ऐलान किया था। संस्था के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह सचदेवा ने कहा था कि बड़ी शर्म की बात है कि नगर निगम के पास बजट व फंड होने के बावजूद अधिकारियों ने मिलीभगत से पिछले 6 माह से एक भी टेंडर नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी चाहें तो सिर्फ 10 दिनों में सभी बकाया टेंडर लगाए जा सकते हैंै। लेकिन नगर निगम अधिकारियों द्वारा पिछले 9 माह से करीब 35 करोड़ रुपए के 253 काम लटकाए जा रहे है। पीडब्ल्यूडी के पास 66 काम लटके हुए हंै। इसके अलावा करोड़ों रुपए के ऐसे काम हैं जो ठेकेदारों द्वारा तय समय गुजरने के बाद भी शुरू नहीं किए गए हैं।
303 टेंडर लगाने में 15 दिनों से ज्यादा लगेगा : सचदेवा
सचदेवा ने कहा कि टेंडर लगाने की प्रक्रिया तकनीकी है। जेई के डिजिटल साइन से नेट पर टेंडर चढ़ने होते हैं। अगर शुक्रवार से यह प्रोसेस शुरू होता है तो 303 टेंडर लगाने में 15 दिनों से ज्यादा लगेगा परंतु उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि ऐसा होगा। अगर ऐसा होता है तो उनकी संस्था नगर निगम के अधिकारियों को सम्मानित करेगी।
टेंडर लगने का काम ऑलरेडी जारी है : निगम कमिश्नर जगविंदर सिंह
इस संबंध में नगर निगम के कमिश्नर जगविंदर सिंह ग्रेवाल का कहना है कि आपको किसने कहा कि शुक्रवार से टेंडर लगने का काम शुरू होगा। यह तो आॅलरेडी जारी है। यह सही है कि एक दिन में सीमित टेंडर ही लग पाते हैं क्योंकि सामान के रेट हर रोज बदलते रहते हैं। उसकी कैलकुलेशन को समय लगता है।