शहर में जगह-जगह व्याप्त अतिक्रमण को हटाने को लेकर पिछले लंबे समय से निष्क्रिय नगर निगम के अधिकारी 23 मई को होने वाली हाईकोर्ट सुनवाई की तारीख निकट आते ही वीरवार को सक्रिय नजर आए। दोपहर बाद निगम के मुलाजिम कबाड़ी बाजार पहुंचे। यहां दुकानदारों ने सड़क पर अपना सामान रखकर अस्थायी कब्जा किया हुआ था। इस मुहिम के दौरान दुकानदारों में जहां खलबली नजर आई। वहीं सियासी तौर पर इस मुहिम को रोकने के लिए जोड़-तोड़ भी किया गया। लेकिन वह किसी काम नहीं आया। बता दें कि इससे पहले नगर निगम ने हाईकोर्ट के आदेश पर 18 जनवरी को शहर के लगभग 239 खोखा संचालक ने जो सड़क किनारे कई सालों से कब्जा किया हुआ था, उनको हटा दिया था। लेकिन ऐसे कई कब्जे अभी भी शहर के विभिन्न इलाकों में अभी भी है। हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद उन अवैध कब्जों को हटाने में निगम के अधिकारियों की कोई दिलचस्पी नहीं है। शहर के आरटीआई एक्टिविट सुरेश सूद ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर मांग की थी कि शहर की सड़कों पर लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाया जाए। इस मामले में सख्त रूख दिखाते हुए नगर निगम कमिश्नर को हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि वह अवैध कब्जे हटवाए। निगम ने एक दो दिन अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाकर बंद कर दिया था।
निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर संदीप कटारिया ने बताया कि निगम कमिश्नर के आदेश पर मुलाजिम कबाड़ी बाजार से सामान उठाने के लिए गए थे। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी।
मोगा शहर के कबाड़ी बाजार में दुकान के बाहर रखे सामान को जब्त कर ले जाती टीम। दूसरी और मौका मिलते ही अपने सामान लेकर जाते दुकानदार।
टीम ने शुरू की कार्रवाई तो दुकानदारों में मचा हड़कंप