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मंगेवाला में तूड़ी बनाते ट्रैक्टर से निकली चिंगारी से लगी आग बड़ा घर गांव तक पहुंची, 60 एकड़ गेहूं जली

3 वर्ष पहले
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मोगा जिले में 24 घंटे के दौरान लगभग छह स्थानों पर किसानों की सोने जैसी गेहूं की फसल आग लगने से जलकर राख हो गई। इस दौरान करीब 70 एकड़ गेहूं की फसल एवं 22 एकड़ नाड़ जली है। मौसम विभाग की ओर से 16 व 17 अप्रैल को राज्य में बारिश की भविष्यवाणी की गई थी, हालांकि जिले में बारिश तो नहीं हुई लेकिन बारिश के डर से किसानों द्वारा खेतों में तैयार गेहूं के फसल की कटाई तेजी से की जा रही है। ताकि बेमौसमी बारिश से खेतों में तैयार गेहूं की फसल खराब न हो जाए। लेकिन किसानों को नहीं मालूम था कि वह बारिश से बचने के लिए जो फसल को तेजी से काटने का कार्य कर रहे हैं, वही ट्रैक्टर से निकलने वाली चिंगारियों की भेंट चढ़ जाएंगे।

जानकारी के अनुसार गांव मंगेवाला में दोपहर में एक किसान अपनी गेहूं कंबाइन से काटने बाद ट्रैक्टर से नाड़ से भूसा बना रहा थी। इस दौरान ट्रैक्टर में से निकली चिंगारी से आग लग गई। यह आग इतनी तेजी से फैली कि गांव मंगेवाला से शुरू हुई और गांव बड़ाघर की सीमा तक जा पहुंची। घटना की सूचना मिलते ही मोगा से फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर लोगों के सहयोग से आग पर काबू पाया। इस आग से तकरीबन 60 एकड़ खड़ी गेहूं की फसल एवं 20 एकड़ का नाड़ जल कर राख हो गया।

इस आग से गांव मंगेवाला के किसान गुरनाम सिंह की 15 एकड़, किसान गमदूर सिंह उर्फ दीप की 13 एकड़ और किसान जसवीर सिंह की 20 एकड़ एवं गांव बड़ा घर के संदीप सिंह की तकरीबन साढ़े 4 एकड़, गुरदेव सिंह की साढ़े 7 एकड़ और गुरबचन सिंह की 6 एकड़ गेहूं की फसल जल गई है। इस मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग का कारण ट्रैक्टर में से निकली चिंगारी है। इस मौके पीड़ित किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। इस घटना के मौके पर एक राजस्व पटवारी ही पहुंचा और कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं था। वहीं गांव मंगेवाला में जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंचती उससे पहले गांव के लोगों ने अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों में पानी लाकर अपने स्तर पर फसल को लगी आग बुझाने में जुट गए थे। इतने में फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची और उसने तेज धार पानी से बाकी बची आग पर काबू पा लिया।

गांव मंगेवाला के किसान आग लगने से जली फसल को हाथों में लेकर दिखाते हुए।

मंगलवार तड़के 3 बजे तेज हवा चलने से बिजली की तारों में स्पार्किंग होने के कारण लगी आग

वहीं गांव कोकरी वैहनीवाल में अढ़ाई एकड़ गेहूं की फसल तथा दो एकड़ नाड़ जलकर राख हो गई। किसानों ने बताया कि मंगलवार सुबह लगभग 3 बजे तेज हवा के चलने के कारण बिजली की तारों में स्पार्किंग होने के कारण आग लग गई। इससे किसान जगदेव सिंह की लगभग दो एकड़ गेहूं का नाड़ तथा जंगीर सिंह की अढ़ाई एकड़ गेहूं की फसल जल गई। गांव कोकरी वैहनीवाल तथा आसपास के किसानों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

गांव कोकरी वैहनीवाल में आग से जली हुई गेहूं की फसल दिखाते हुए किसान।

अधिकारी बोले-मुलाजिमों की ड्यूटी लगाई है| इस संबंधी जब पावरकाॅम के अधिकारियों से बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा कि वैसे तो ऐसी दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए खेतों की लाइनों का काम पूरी तरह से मुकम्मल किया गया था। लेकिन फिर भी यदि किसी लाइन में खामी नजर आ रही है, तो उसको ठीक करने के लिए बिजली मुलाजिमों की स्पेशल ड्यूटी लगाई है, ताकि आगे से ऐसी घटना न हो ।

छप्पड़ के सरकंडे में लगी आग, हजारों पक्षी जले

कोटकपूरा | जैतो रोड पर वीरान पड़े पुराने छप्पड़ में खड़े सरकंडे को आग लगने से इसमें घाेंसले बनाकर रह रहे हजारों पक्षी जल गए। हवा के चलते तेजी से फैली आग से आस-पास की आबादी को बचाने को अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को करीब दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जानकारी के अनुसार जैतो रोड पर पेट्रोल पंप के पीछे आबादी के साथ लगते छप्पड़ में मंगलवार को शाम करीब चार बजे अचानक आग लग गई।

तखानवध, मैहरो वोहना और नत्थूवाला गांव में भी आग लगने से फसलें जलीं

वहीं, गांव तखानवध में लगी आग से किसान वलविंदर सिंह की आधा एकड़ फसल जल गई, गांव मैहरो वोहना में सुबह साढ़े तीन बजे पांच एकड़ फसल जल गई। जबकि दो एकड़ फसल नत्थूवाला गांव की हद में जलकर राख हो गई। जिन किसानों की फसल जल है उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें मुआवजा दिया जाए, ताकि उनका गुजर-बसर हो सके।

छप्पड़ में लगी आग से उठता धुआं।

हवा के तेज चलते से छप्पड़ के बीचों बीच से शुरू हुई यह आग भयानक रूप धारण कर चारों ओर फैलने लगी। इस आग की चपेट में आए पक्षियों व उनके चूजे के कोलाहल दूर-दूर तक सुनाई देने लगे। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी दमकल गाड़ी लेकर पहुंचे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पया जा सका। तब तक हजारों की पक्षी मर चुके थे।

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