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तलवार और कापे से वार कर की अधेड़ की हत्या, शरीर पर मिले 20 जख्म, पुलिस 3 थ्यूरी पर कर रही जांच

3 वर्ष पहले
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मोगा-लुधियाना नेशनल हाईवे के संपर्क मार्ग पर स्थित चूड़चक्क गांव में एक घर में सो रहे कुंवारे अधेड़ व्यक्ति की निर्ममता से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने तेजधार हथियारों से पहले उसका गला काटा, फिर शरीर के अन्य हिस्सों पर वार किए। सबसे बड़ी बात है कि हत्यारे छह सात फुट की दीवार फांद कर घर में घुसे थे। जबकि घर के मेन गेट से लेकर कमरे तक में 60 से 70 फुट का फासला था। पुलिस के लिए फिलहाल जगरूप सिंह की हत्या ब्लाइंड मर्डर है।

वहीं तीन केंद्र बिंदुओं को ध्यान में रखकर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। पहला प्रॉपर्टी, दूसरा नशेड़ियों द्वारा घर में चोरी करने के इरादे से आना व तीसरा अवैध संबंध की आशंका। क्योंकि उसके उतारे हुए पाजामे पर खून लगा हुआ था। इसके अलावा जब हत्यारे हत्या के बाद मेन दरवाजा खोलकर गए तो दरवाजे पर भी खून के धब्बे मौजूद थे। वहीं गांव के लोग आपस में बातें कर रहे थे कि गांव में किसी की मौत होने पर वह जरूर पहुंचता था। ऐसे व्यक्ति की हत्या से किसी को क्या मिलने वाला था।

गांव में अकाली दल के सर्कल प्रधान परमजीत सिंह ने बताया कि जगरूप सिंह की तलवारों व कापे के प्रहार से हत्या की गई है। इसके अलावा सरकारी अस्पताल में जगरूप सिंह के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. इंद्रवीर सिंह का कहना है कि शरीर पर 18 से 20 घाव थे। गला रेता हुआ था पेट के एक साइड में बड़े घाव के अलावा पेट पर कई जगह चाकुओं से प्रहार किए गए थे।

प्रॉपर्टी, नशेड़ियों और अवैध संबंध पर टीकी पुलिस की नजर

डीएसपी(डी) सर्बजीत सिंह पुलिस अधिकारियों के साथ कमरे की तलाशी लेते हुए।

शराब की खाली बोतलें मिलीं | डीएसपी-डी सर्बजीत सिंह ने कहा कि जगरूप के घर से शराब की खाली बोतलें मिलीं हैं। वहीं वह किसी महिला से शादी करने की सोच रहा था अभी तक की जांच में यह बातें सामने आ रही है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे।

भाई का शव देख बहनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

बहनें बोलीं-दरवेश को किसने और क्यूं मारा

जगरूप सिंह की बहन जरनैल कौर फूट-फूटकर रोते हुए।

गांव की महिला ने देखा शव तो शोरकर लोगों को बुलाया

गांव की कुलदीप कौर ने बताया कि रविवार की सुबह छह बजे वह गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए जा रही थी। जगरूप सिंह के घर का दरवाजा खुला देखा, जबकि आम दिनों में घर का दरवाजा तकरीबन सुबह आठ बजे खुलता था। उसने घर के अंदर जाकर देखा तो बरामदे में जमीन पर जगरूप सिंह गिरा पड़ा था और खून से लथपथ नग्न हालत में था। उसने गांव वालों को शोर मचाकर इकट्ठा किया।

दोनों बहनें जरनैल कौर और करनैल कौर ने रोते-रोते बताया कि वह जगरूप सिंह से बड़ी हैं। वह दोनों एक या दो महीने बाद इकट्ठी छोटे भाई के पास रहने के लिए आती थीं। दो-तीन दिन रहने के दौरान उसके कपड़े धो देती थीं। लेकिन वह रोजाना साइकिल लेकर नानक सर सुबह दस बजे जाता और रात करीब नौ बजे वहां से लौटता था। दरवेश व्यक्ति का गला काटकर किसी को क्या मिला। जगरूप कई बार में दोनों बहनों से मिलने के लिए उनके ससुराल घर चला जाता था और कई-कई दिन वहां रहता था। जब वे उससे कहती कि वह घर जाकर क्या करेंगा, उनके ही पास रहें तो वह एक ही बात कहता था कि उसे घर की चिंता होती है।

भाई का शव देखकर रोती हुई बहन करनैल कौर।

कुलदीप कौर, जिसने जानकारी दी।

रोज घर से नानकसर करने जाता था गुरु घर की सेवा, रात 9 बजे तक लौट आता था | मोगा-लुधियाना नेशनल हाईवे के संपर्क मार्ग पर स्थित चूड़चक्क गांव में रहने वाला 55 वर्षीय जगरूप सिंह उर्फ रूप अविवाहित था। इससे घर में रोटी न बना पाने के चलते पिछले डेढ़-दो साल से रोजाना साइकिल से गांव चूड़चक्क से नानकसर सुबह दस बजे जाकर रात को नौ बजे के आस-पास लौटता था। वहां गुरुद्वारे में सफाई की सेवा करने के बदले में दो समय का लंगर खाने के बाद वापस घर आकर सो जाता था। वहीं गांव वाले व रिश्तेदारों का कहना है कि ऐसे दरवेश बंदे (रब का बंदा) की हत्या करके किसी को क्या मिलेगा। वहीं जगरूप सिंह की दोनों बहनों ने रोते हुए कहा कि उनका भाई मोबाइल तक अपने पास नहीं रखता था। ऐसे में पड़ोसियों को दूसरे तीसरे दिन फोन करके हालचाल पूछकर तसल्ली हो जाती थी। घटना स्थल से मिली जानकारी अनुसार गांव चूड़चक्क निवासी जगरूप सिंह अपने पास न तो मोबाइल रखता था और न ही ज्यादा किसी से घुलता-मिलता था। किसी ने बुला लिया तो ठीक नहीं अपने में मस्त रहता था। उसने पौने दो किले जमीन ठेके पर दे रखी थी। उस जमीन से मिलने वाला ठेका वह बैंक में जमा करवा देता था। जब भी रुपयों की जरूरत होती तो बैंक में जाकर रुपए निकाल लाता था।

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