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प्रतियोगिता व शोभायात्रा निकाल शैक्षणिक आैर सामाजिक संस्थाओं ने मनाई अंबेडकर जयंती

3 वर्ष पहले
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वाल्मिकी मजहबी सिख महासभा की ओर से भारत र| डॉ. बीआर अंबेडकर के 127वें जन्मदिवस पर शोभायात्रा निकाली गईं। इस दौरान लघु सचिवालय में लगे बाबा साहिब की प्रतिमा पर समूह महासभा के सदस्यों द्वारा पुष्प अर्पित कर मोटरसाइकिलों से गांधी रोड, रेलवे रोड, मेन बाजार, रेलवे अंडरब्रिज से होते हुए गुरुद्वारा शिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह मथुरा पुरी में संपन्न हुई। महासभा के अध्यक्ष बलजिंदर सिंह धालीवाल, सरपरस्त मनजीत सिंह, चेयरमैन बचितर सिंह, महासचिव जसवंत सिंह ने कहा कि बाबा साहेब दलितों के ही नहीं बल्कि सभी के मसीहा थे। जिन्होंने संविधान लिखकर दलित भाईचारे को शिक्षित करने की पहल की। उनका सपना था कि सभी वर्ग के लोगों की तरह दलित समाज के बच्चे भी शिक्षित हों। इस अवसर पर जसवीर सिंह, नवजीत सिंह, सुखवीर सिंह, इंद्रपाल सिंह, गुरचरन सिंह, परमजीत सिंह, जसमेल सिंह, प्रदीप सिंह, दविंदर सिंह, गुरमेल सिंह, हरबंस सागर आदि उपस्थित थे।

बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर शोभायात्रा की शुरूआत करते महासभा के सदस्य ।

बाबा साहेब के जन्मदिवस पर निकाली शोभायात्रा
मोगा|भारतीय वाल्मिकी धर्म समाज भावादास संगठन की ओर से दलितों के मसीहा डॉ. भीम राव अंबेडकर के जन्मदिवस पर शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा की शुरूआत मुख्य मेहमान डीएसपी केसर सिंह ने की। इस मौके पर वीरभान दानव यूथ प्रधान पंजाब, नरेश बोहत प्रधान भावादास ने आए हुए सभी सदस्यों को जयंती की बधाई दी और धन्यवाद किया। इस अवसर पर रघुवीर अनार्य, राजेश कुमार, विजय, शमी, रजिंदर, अमित, राज कुमार आदि उपस्थित थे।

नेताओं ने नया संविधान लिखने की जिम्मेदारी राव के कंधों पर ड़ाली : कर्नल
मोगा |जिला कांग्रेस कमेटी ने डॉ. बीआर अंबेडकर का 127वां जन्मदिवस जिलाध्यक्ष कर्नल बाबू सिंह की अध्यक्षता में मनाया गया। जिले के समूह वर्गों ने प्रतिमा पर फुल अर्पण किया। जिलाध्यक्ष कर्नल बाबू सिंह ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरू ओर प्रमुख लीडरों ने डॉ. साहिब को संविधान सभा के चेयरमैन और नया संविधान लिखने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर ड़ाली। उन्होंने कहा कि भारत का नया संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू करके भारत को पूर्ण स्वतंत्र राज घोषित किया गया। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने डॉ. साहेब की शिक्षा, गहरी सोच, दूर अंदेशी व काम करने की कुशलता को देखते उनको स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बनाकर भारत की कैबिनेट में नवाजा। भारतीय संविधान में जहां उन्होंने सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा, वहीं दलित वर्ग के लिए विशेष कानून की व्यवस्था की। इस अवसर पर दर्शन सिंह बराड़ एमएलए बाघापुराना, डॉ. हरजोत कमल, डॉ. तारा सिंह संधू, मालती थापर, महेशइंद्र सिंह, आकाशदीप लाली, भोलासिंह, गुरचरन सिंह, इंद्रजीत सिंह, प्रीतम सिंह, जगसीर सिंह, अमरजीत सिंह, परमिंदर कौर, हरदेव सिंह, गमदूर सिंह, अवतार सिंह, सरबजीत कौर आदि उपस्थित थे।

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