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बाघापुराना में डॉक्टर दूसरे दिन भी भड़के, हड़ताल

3 वर्ष पहले
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वीरवार को सड़क हादसे में घायल युवक की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हालत गंभीर होने पर रेफर करने के बाद रास्ते में मौत हो जाने पर भड़के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही बरतने व देरी से रेफर करने का आरोप लगा बाघापुराना थाने का घेराव किया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टरों पिता-पुत्र पर इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इस पर भड़के डॉक्टरों ने शुक्रवार को बाघापुराना में पूरा दिन सेहत सेवाएं ठप रखा। वहीं शनिवार को दूसरे दिन जिले भर के 100 निजी अस्पतालों में दोपहर तक ओपीडी सेवाओं को ठप रखा गया। इससे सिटी में स्थित 65 निजी अस्पतालों में हर रोज ओपीडी में आने वाले करीब 7000 मरीज दोपहर तक इधर-उधर भटकते रहे।

डॉक्टरों ने प्रशासन से मांग की कि उनके काम में पुलिस दखल न दे। इस पर पुलिस ने घुटने टेकते हुए न केवल केस को रद्द करने का फैसला लिया है, बल्कि एसएसपी ने इस मामले में एसएचओ बाघापुराना के खिलाफ एसपी-डी को जांच करने के भी निर्देश दे दिए हैं।

एसएसपी ने एसएचओ बाघापुराना के खिलाफ जांच एसपी-डी को सौंपी
65 निजी अस्पतालों के 210 डॉक्टरों ने की बैठक
65 निजी अस्पतालों के 210 डॉक्टरों में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जिला मोगा के प्रधान डॉ. संजीव मित्तल, डॉ. सीमांत गर्ग, डॉक्टर नवराज सिंह, वजिंदर जायसवाल, डॉ. अतिंदरपाल सिंह सोढी आदि मौजूद थे। बाघापुराना स्थित गर्ग अस्पताल में इलाज करवाने जाए सड़क हादसे में घायल मरीज की मौत के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज के दौरान लापरवाही बरतने से मौत होने का आरोप लगाकर केस दर्ज कराने की निंदा की। इस समय डाॅ. संजीव मित्तल ने कहा कि जिस समय मरीज अस्पताल में लाया जाता है, डॉक्टरों की कोशिश होती है कि मरीज को जल्द से जल्द ठीक किया जाए।

एसएसपी से मिले| भरोसा मिला-डॉक्टर पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज केस जांच कर रद्द किया जाएगा।

आईएमए हाल में बैठक करने के बाद डॉक्टरों का एक प्रतिनिधि मंडल एसएसपी से मिलने उनके निवास स्थान पर पहुंचा। जहां एसएसपी ने डॉक्टरों के प्रतिनिधि मंडल से 20 मिनट तक मुलाकात करते हुए उनको भरोसा दिया कि डॉक्टर पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज केस की जांच कर रद्द किया जाएगा। इसके अलावा एसएसपी राजजीत सिंह हुंदल ने कहा है कि 24 से 48 घंटे की बीच डॉक्टरों पर दर्ज केस रद्द किया जाएगा।

एसएसपी राजजीत सिंह हुंदल ने कहा कि आईएमए डॉक्टरों का एक प्रतिनिधि मंडल उनसे मिलने के लिए आया था। उन्होंने थाना बाघापुराना के एसएचओ जंगजीत सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश देते हुए एसपीडी को जांच सौंप दी है। अगर जांच में एसएचओ की गलती पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस मामले में दर्ज हुए केस की जांच डीएसपी बाघापुराना सुखदीप सिंह को सौंप दी है। वहीं सोमवार को 11.30 बजे सीनियर पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

आगे क्या | किसी डॉक्टर के खिलाफ शिकायत आने पर पहले मेडिकल बोर्ड से जांच करवाई जाएगी, गलती मिलने पर ही कार्रवाई होगी।

दोपहर से रूटीन काम शुरू
दोपहर को लगभग एक बजे के बाद निजी अस्पतालों में डॉक्टरों ने जाकर रूटीन की तरह अपना काम काज शुरू कर दिया है। इस मौके पर डॉक्टर हरप्रीत कौर, हड्डी रोग माहिर डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. वीनश गुप्ता, एमडी मेडिसिन दविंदर सिद्धू, डॉ. राकेश अरोड़ा, डॉक्टर अजय बांसल, डॉक्टर कपिल बोहरा, डॉ. अनूप सूद, डॉ. अरूण अग्रवाल के अलावा पीसीएमएससी एसोसिएशन पंजाब के प्रधान डॉक्टर गगनदीप सिंह व एसएमओ डॉक्टर राजेश अत्री बैठक में मौजूद थे।

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