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जिले के 5 ऐेतिहासिक गुरुद्वारों में मनाया खालसा स्थापना दिवस

3 वर्ष पहले
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विश्वकर्मा भवन में बैसाखी का दिवस मनया गया। इस मौके श्री अखंड पाठ के भोग डालने उपरांत रागी सिंहों ने कीर्तन से संगतों को निहाल किया और गुरुओं के दर्शाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। प्रधान गुरप्रीत सिंह चीमा ने कहा कि यह वह दिन है जिस दिन 1699 ई. में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने हर दबे, कुचले मानव को जीने की कला सिखाई थी। गुरप्रीत सिंह हैप्पी सचिव पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि हमें गुरुओं के दर्शाए हुए पदचिन्हों पर चलना चाहिए। इस अवसर पर गुरदेव सिंह, भाग सिंह, हरप्रीत सिंह, जतिंदरजीत सिंह, गुरदयाल सिंह, मनजीत, धंनजीत सिंह, मनजीत सिंह, अमरजीत सिंह, बलवंत सिंह, पाल सिंह, अर्शदीप सिंह आदि उपस्थित थे।

इसके अलावा जिले में स्थित 5 ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान में हजारों की संगत ने सुबह 5.00 से पवित्र सरोवरों में स्नान भी किया। मोगा जिले के गांव डरोली भाई में सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद राय की याद में बने दो गुरुद्वारा साहिब के अलावा गांव सलीना में भी उनकी याद में ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब स्थापित है। तख्तुपूरा में 3 गुरु साहिबान के आगमन से ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। इस स्थान पर सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी, छठे गुरु व दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह ने पड़ाव किया था। जबकि दीना साहिब में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने रुक कर औरंगजेब को जफरनामा लिखकर भेजा था। इन ऐतिहासिक गुरुद्वारों के अलावा शहर के गुरुद्वारा कलगीधर दत्त रोड, करतार भवन सिविल लाइन्स, बीबी काहन कौर, गुरुद्वारा संत गुलाब सिंह, सिंह सभा, गुरुद्वारा अकालसर, गुरुद्वारा दशमेश नगर, गुरुद्वारा माई भागो, गुरुद्वारा नामदेव भवन, गुरुद्वारा रामगढ़िया, गुरुद्वारा विश्वकर्मा समेत 72 गुरुद्वारों में धार्मिक दीवान सजाए गए। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के उपरांत सिख विद्वानों ने खालसा पंथ की स्थापना के इतिहास पर रोशनी डालते इसकी जरूरत के बारे में बताया। कीर्तनी जत्थों ने गुरुवाणी का रसभरा कीर्तन कर संगत को निहाल किया। अंत में सभी गुरुद्वारों में गुरु का लंगर अटूट बांटा गया।

पर्व
हजारों संगत ने किया पवित्र सरोवर में स्नान, कीर्तन का लिया आनंद, विश्वकर्मा भवन में बैसाखी दिवस मनाया
ऐतिहासिक गुरुद्वारा तख्तुपूरा में जुड़ी संगत।

गुरुद्वारा विश्वकर्मा में धार्मिक समागम का दृश्य।

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