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पहले 5 मरले से कम वाले मकानों के पानी के बिल माफ किए, अब वसूलने की तैयारी

3 वर्ष पहले
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जिस कैप्टन सरकार ने 2005 में 5 मरले (125 वर्ग गज) से कम मकान मालिकों को पानी व सीवरेज के बिल माफ करके वाहवाही लूटी थी, अब वही कैप्टन सरकार इन यूनिटों को फिर से पानी व सीवरेज के बिलों के घेरे में लेने लगी है। इसके लिए सरकार ने नया ड्राफ्ट पंजाब अर्बन वाटर टैरिफ पॉलिसी-2018 जारी कर निगमों से सुझाव मांगे हैं। केंद्र सरकार की शर्तों के चलते अकाली-भाजपा सरकार ने भी 2012 व 2013 में दो बार इस ओर कोशिश की थी परंतु वोटों की राजनीति के आगे अकाली-भाजपा सरकार ने घुटने टेक दिए थे। अब केंद्र की सख्त शर्तों के चलते कैप्टन सरकार अपने ही फैसले को पलटने के लिए मजबूर हो गई है। सरकार ने इस संबंधी एक ड्राफ्ट तैयार कर नगर निगमों से सुझाव मांगे हैं। राजनीतिक लोगों का कहना है कि वोटों की राजनीति फिर से इस ड्राफ्ट को खटाई में डाल सकती है, क्योंकि अपनी वोटों को सुरक्षित रखने के लिए सभी पार्षद इसका विरोध करेंगे। इस परिस्थिती से निपटने के लिए सरकार ने भी कड़ा रुख कर लिया है। निगमों से आए सुझावों के बाद टैरिफ में संशोधन तो किया जा सकता है परंतु इसको लागू हर हाल में किया जाएगा।

अब पेयजल के बिल में नहीं मिलेगी छूट | शहर में अब किसी को पेयजल के बिल में छूट नहीं मिलेगी। हरेक घर या कमर्शियल यूनिट को बिल देना होगा। 2 मरले से ज्यादा बड़े मकानों, दुकानों, इंडस्ट्री के लिए लोगों को खुद ही मीटर लगाने होंगे। सरकार ने पुरानी वाटर मीटर पॉलिसी को रद्द कर नया ड्राफ्ट पंजाब अर्बन वाटर टैरिफ पॉलिसी 2018 जारी कर दिया है। ड्राफ्ट के मुताबिक 2 मरले तक के मकानों में मीटर लगाने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें भी 200 रुपए महीना बिल देना होगा। फिलहाल 5 मरले तक मकानों को पानी-सीवरेज का बिल माफ है। बड़े मकानों में मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे बिल वाले उपभोक्ताओं की गिनती 65 से 70 हजार तक पहुंच जाएगी। वर्तमान में निगम वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट से 2 करोड़ रुपए की बिल कलेक्शन कर रहा है। इस फैसले से मोगा सिटी से 25 हजार यूनिट फिर से बिलों के घेरे में आ जाएंगे, जो 2005 से छूट का लाभ लेते आ रहे हैं।

यह है ड्राफ्ट में अंकित..
अब 2 मरले का बिल भी 200 रुपए महीना फिक्स आएगा, जिसमें 100 रु. फिक्स सर्विस चार्ज पानी व 100 रु. फिक्स सर्विस चार्ज सीवरेज का होगा।

कमर्शियल व इंडस्ट्रियल की एक कैटेगरी
इस बार कमर्शियल और इंडस्ट्रियल को एक ही कैटेगरी में रखा गया है।

वाटर यूजेज 12 रु. (प्रति हजार लीटर)

यूजेज के हिसाब से बिल घटेगा-बढ़ेगा।

विकल्प : एरिया मंथली चार्ज दे सकते हैं
अगर आपने मीटर के हिसाब से नहीं बल्कि अपने मकान के एरिया के मुताबिक बिल देना है, तो भी आप्शन है। इसमें 2 से 10 मरले 150 रु. सर्विस चार्ज पानी के और 50 रु. सर्विस चार्ज सीवरेज के। इसके अलावा वाटर यूजेज 12 रु. (प्रति हजार लीटर), सरचार्ज 10 प्रतिशत 31 रुपए देना होगा। कुल 343 रुपए का बिल आएगा।

बिजली के बिल के साथ ही कलेक्शन
दिसंबर 2015 में पंजाब सरकार ने कैबिनेट में पास कर दिया था कि पानी के बिल की वसूली बिजली के बिल के साथ ही होगी लेकिन फैसला लागू करने का विरोध हुआ। विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने अपने फैसले को निलंबित कर दिया था। अब लगता है कैप्टन सरकार इसे लागू कर देगी। प्रो. निरंजन सिंह, राजनीतिक विशेषज्ञ।

रिहायश मंथली चार्ज
2 से 10 मरले के लिए

सर्विस चार्ज 120 रु.

सीवरेज 5 मरले से ऊपर 210 रु.

वाटर यूजेज 210 रु.

सरचार्ज 10% 54 रु.

कुल 594 रुपए महीना बिल बनेगा।

(सरकार के इस ड्राफ्ट अनुसार वाटर यूजेज परिवार के पांच सदस्यों के हिसाब से लगाया गया है। जिसमें प्रति व्यक्ति महीने में नौ हजार लीटर पानी यूज कर रहा है, जबकि औसतन चार हजार लीटर पानी की प्रति व्यक्ति जरूरत मानी जाती है)

रिहायश मंथली चार्ज
10 से 20 मरले के लिए

सर्विस चार्ज 160 रुपए

सीवरेज 290 रुपए

वाटर यूजेज 210 रुपए

सरचार्ज 10% 61 रुपए

कुल 721 रुपए महीना।

निगम को होगा 1.48 करोड़ का फायदा | अगर यही बिल लागू होता है तो मोगा के 25 हजार यूनिटों में हरेक को महीने में 594 रुपए बिल देना होगा, जिससे नगर निगम को सीधे 1 करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपए का फायदा होगा। बाकी लोगों का भी पहले से 200 रुपए महीना बढ़ेगा खर्चा।

टैरिफ में हो सकता है फेरबदल
इस नीति को तो लागू किया ही जाना है। जो नगर निगमों से सुझाव मांगे हैं, उनमें बेहतर सुझाव आने पर टैरिफ में बदलाव संभव है। नवजोत सिंह सिद्धू , निकाय मंत्री पंजाब।

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